MP vidhansabha: स्टांप ड्यूटी 100 से 400% तक बढ़ाई, रेंट-प्रॉपर्टी एग्रीमेंट महंगा, शस्त्र लाइसेंस पर 10 हजार लगेंगे, विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर गई है। मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू हुआ था, जो 8 अगस्त तक चलना था। सत्र के 8वें दिन यानी बुधवार को 8 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। इस दौरान भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। स्टांप शुल्क बढ़ाने का विरोध करते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और जमकर नारेबाजी की।
स्टांप संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा-स्टांप ड्यूटी बढ़ाने पर लोगों पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने इसे जनता की जेब खाली करने वाला विधेयक बताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जो लोग स्टांप ड्यूटी भरते हैं, क्या उनसे राय ली गई है। एक तरफ कहा जाता है कि हम टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ इस तरह से शुल्क बढ़ाया जा रहा है। सिंघार ने कहा-सरकार कर्ज लेने पर कहती है कि हम विकास के लिए कर्ज ले रहे हैं तो फिर यह शुल्क क्यों बढ़ाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जबाव देते हुए कहा कि जो बढ़ाया है वह सोच-समझकर बढ़ाया है। एससी-एसटी और ओबीसी के लिए एफिडेविट मुफ्त है। यह संशोधन 11 साल के बाद आए हैं, जो 64 बिंदु में से 12 बिंदु में प्रभावी होंगे।
कांग्रेस विधायक बोले- आरटीओ दफ्तर एजेंटों के भरोसे
मध्यप्रदेश मोटर यान कराधान संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि भोपाल, इदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में वाहनों पर ढाई हजार करोड़ के टैक्स बकाया है। सरकार इसे क्यों नहीं वसूल पा रही है। भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि आरटीओ दफ्तर एजेंटों के भरोसे चल रहे हैं। लोग टैक्स की बढ़ी हुई राशि नहीं देंगे।
जवाब में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- पहले 4% पेनल्टी लगती थी जो लंबी दूरी के हिसाब से होती थी। नई व्यवस्था में 4% पेनल्टी तो लगेगी ही, पुराना बकाया होने पर 4 गुना अधिक राशि भी वसूली जाएगी। बस या अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक अधिक लोगों को बिठाने पर 1000 रुपए प्रति सीट पेनल्टी वसूली जाएगी।





