MP : आज फिर 4100 करोड़ के दो नए कर्ज उठाएगी सरकार,11 महीने में लिया 89 हजार करोड़ का ऋण

भोपाल। मोहन यादव सरकार मार्च के महीने आज तीसरी बार कर्ज उठा रही है। दो अलग-अलग कर्ज 4100 करोड़ रुपए के लिए जा रहे हैं, जिसका भुगतान सरकार को बुधववार को होगा। इस तरह मार्च में सरकार द्वारा लिया गया कर्ज 16200 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है।
तीन मार्च को होली पर 6300 करोड़ रुपए के चार अलग-अलग कर्ज लेने के बाद मोहन यादव सरकार ने 10 मार्च को 5800 करोड़ रुपए के तीन कर्ज लिए थे। वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार आज फिर दो नए कर्ज ले रही है। पहला कर्ज 2100 करोड़ रुपए का 9 साल और दूसरा 2000 करोड़ रुपए का 15 साल की ब्याज अवधि के लिए लिया जा रहा है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होने वाला है। इस तरह मार्च में 16200 करोड़ का कर्ज हो जाएगा। साथ ही चालू साल में लिया गया कर्ज 89000 करोड़ और सरकार पर कुल कर्ज 5 लाख 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक पहुंच जाएगा।
10 मार्च को जो कर्ज लिया गया है उसमें 1900 करोड़ रुपए 10 साल के ब्याज पर तो 1700 करोड़ रुपए 14 साल और 2200 करोड़ रुपए 21 साल की अवधि के लिए हैं। केंद्र सरकार राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए 50 साल का ब्याज-मुक्त कर्ज देती है। इसी कारण राज्य सरकार ने पहली तिमाही से ही अधिक उधारी ली। एमपी में योजनाओं, उद्योग और कृषि में निवेश के साथ ही पुराने कर्ज के मूलधन व ब्याज के भुगतान के लि ए भी बड़ी राशि की जरूरत है।
वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक पिछले मंगलवार को लिए गए कर्ज में पहला लोन 1800 करोड़ का था जिसका भुगतान सरकार नौ साल में छमाही ब्याज के जरिए करेगी। इसी तरह दूसरा कर्ज 13 साल के लिए 1600 करोड़ रुपए का, तीसरा कर्ज 1300 करोड़ का 15 साल के लिए और चौथा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 23 साल के लिए लिया गया है। इस तरह कुल 6300 करोड़ का कर्ज लिया गया जो चालू वित्त वर्ष में लिए गए एक दिन के कर्ज में सर्वाधिक रहा है।
17 फरवरी को लिया था इतना कर्ज
राज्य सरकार ने इसके पहले 17 फरवरी को चार कर्ज लिए थे। पहला कर्ज 1200 करोड़ रुपए का 8 साल के लिए है। दूसरा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 13 साल की अवधि के लिए है जबकि तीसरा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 19 साल तक के लिए है। चौथा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 23 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन सभी कर्जों की अदायगी हर छह माह में की जाएगी। 31 मार्च 2025 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में प्रदेश का कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए था।



