भोपाल. नेपाल में हिंसा के कारण बड़ी संख्या में वहां गए भारतीय भी फंस गए हैं। छतरपुर जिले के चार परिवार के लोग भी काठमांडू में फंस गए हैं। ये लोग नेपाल घूमने गए थे। चारों परिवारों में कुल 16 लोग बताए जाते हैं। इनमें 6 बच्चे भी शामिल हैं। इन लोगों को बेहद बुरा हाल है। ये सभी लोग दो दिनों से भूखे हैं। इन लोगों ने पीएम मोदी से खुद को निकालने की गुहार लगाई है। इस बीच नेपाल में हिंसा रोकने के लिए देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 4 परिवारों के सभी लोग नेपाल घूमने गए थे लेकिन अचानक हिंसक प्रदर्शनों के बीच काठमांडू में फंस गए। सभी लोग एक निजी होटल में रुके बताए जाते हैं। काठमांडू में फंसे छतरपुर के निर्दोष अग्रवाल बताते हैं कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ नेपाल आए थे। नेपाल में कई जगहों पर घूमने के बाद ये लोग काठमांडू में पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने एक निजी होटल किया था।
पीड़ित निर्दोष अग्रवाल ने बताया कि वे लोग होटल में ठहरे थे। इसी बीच अचानक हिंसा भड़क गई। इससे सभी लोग होटल में फंस कर रह गए। निर्दोष अग्रवाल ने बताया कि हालत अभी भी खराब हैं। होटल के आसपास की कई बिल्डिंगों को जला दिया गया है। इतना ही नहीं पुलिस की कई चौकियां भी आग के हवाले कर दी गई हैं। पुलिस चौकियों पर कब्जा कर हथियारों लूट लिए गए हैं।
निर्दोष के साथ गए एक और व्यापारी ने बताया कि हालात बिगड़ रहे हैं। हम लोग जिस होटल में रुके हैं, वहां भी खाने-पीने की समस्या हो रही है। खाने का सामान खत्म हो चुका है। ब्रेड और नमकीन लेने के लिए होटल से बाहर जाना पड़ता है। इस वजह से हमेशा डर बना रहता है। हम लोगों ने दो दिनों से कुछ नहीं खाया है। जो थोड़ा मिल रहा है उसमें बच्चे और महिलाएं ही गुजारा कर रही हैं। यदि ऐसे हालात बने रहे तो स्थिति बिगड़ जाएगी।
इन लोगों ने पीएम मोदी से खुद को जल्द से जल्द काठमांडू से निकाल लेने की गुहार लगाई है। भले ही नेपाल की आर्मी ने सड़कों पर मोर्चा संभाल लिया है लेकिन हालात खराब बने हुए हैं। निर्दोष अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन वहां से भी अभी तक किसी भी तरह की कोई मदद नहीं पहुंच पा रही है। इन लोगों ने बताया कि सभी निजी वाहन से घूमने के लिए गए थे।
