ग्वालियर.राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस (RSS) अब अपना पहला विश्वविद्यालय भी खोलने जा रहा है. संघ का यह पहला विवि ग्वालियर में स्थापित होगा. लगभग 55 बीघा जमीन पर बनने जा रहे विवि का भूमिपूजन 4 मई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी करेंगे. यूनिवर्सिटी का संचालन संघ की संस्था मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी. ग्वालियर में बनने वाले ऋषि गालव विश्वविद्यालय का काम 3 वर्ष में पूरा होगा, जिसमें लागत 110 करोड़ आएगी. वहीं, करीब 30 करोड़ रुपये की प्रारंभिक लागत से अगले एक साल में गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है.
मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र बांदिल ने बताया कि भूमि पूजन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित रहेंगे. मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे करेंगे.
आज की व्यवस्था से बच्चों का मनोबल-चरित्र हो रहा कमजोर
डॉ. बांदिल ने बताया कि 1941 में स्थापित और 85 वर्ष से शिक्षा क्षेत्र में सेवा दे रही मध्य भारत शिक्षा समिति अब ऋषि गालव विश्वविद्यालय (Rishi Galav University) की स्थापना करने जा रही है. ग्वालियर में पहले से ही आठ विश्वविद्यालय होते हुए भी नए विश्वविद्यालय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में पढ़ने वाला विद्यार्थी उपाधिधारी होकर रोजगार तो पा जाता है, लेकिन उसका मनोबल एवं चरित्र कमजोर होने से जीवन संघर्ष में असफल सिद्ध हो रहा है.
जीवन में अशांति, अकेलापन एवं दिमाग में द्वंद्व होने से वह परेशानी अनुभव कर रहा है. टूटते परिवार, आत्मकेन्द्रित जीवन, बढ़ते हुए तलाक प्रकरण एवं आत्महत्याएं इसके परिणाम हैं. अनेक शोधों एवं संवादों का यह निष्कर्ष है कि अब तक लागू रही शिक्षा पद्धति मूल्य आधारित शिक्षा, शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक शिक्षा के अभाव में एक दुर्बल नागरिक एवं विखंडित समाज का निर्माण कर रही है. ऋषि गालव विश्वविद्यालय शिक्षा की इन न्यूनताओं को दूर करना चाहता है.
