MP: अतिक्रमण हटाने पहुंचे वनकर्मियों पर पत्थर-लाठी और कुल्हाड़ी से हमला, 10 घायल


खंडवा। खंडवा जिले में वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने कथित तौर पर सुनियोजित हमला कर दिया। गुड़ी वन परिक्षेत्र के पिपलोद थाना क्षेत्र स्थित आमा खुजरी बीट में गश्त के दौरान वनकर्मियों पर पत्थरों, गोफन, लाठियों और कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस घटना में 10 से अधिक वनकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वन विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 45 वनकर्मियों का विशेष दल कक्ष क्रमांक 748 में अतिक्रमण रोकने और गश्त के लिए पहुंचा था। आरोप है कि पहले से घात लगाकर बैठे लोगों ने अचानक गोफन से पत्थरों की बौछार शुरू कर दी और फिर लाठियों से हमला कर दिया। महिलाओं ने भी वनकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी वर्दी तक फाड़ दी।
सुनियोजित तरीके से किया गया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर पेड़ों, गड्ढों और खंतियों में छिपे हुए थे। जैसे ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, चारों ओर से हमला शुरू कर दिया गया। घायल वनकर्मियों का कहना है कि हमलावरों की संख्या करीब 150 थी, जिनमें लगभग 100 महिलाएं शामिल थीं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से हमला करने का भी प्रयास किया।
हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित कई कर्मचारी घायल हुए।
दो घंटे तक जंगल में पड़े रहे घायल
घायल वनकर्मियों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि करीब दो घंटे तक घायल कर्मचारी जंगल में बिना इलाज के पड़े रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डायल-112 की टीम ने पहले उन अतिक्रमणकारियों को अस्पताल पहुंचाया, जो कथित तौर पर अपने ही गोफन से घायल हुए थे।
15 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज
घटना के बाद पिपलोद थाने में 8 नामजद और 15 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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