MP : बाढ़ से 2 माह में 275 मौतें, 254 ग्रामीण सड़कें-पुल और 3980 मकान क्षतिग्रस्त, 132 बांधों में 50 फीसदी जल भराव

भोपाल। प्रदेश में कई इलाकों में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इस वजह से हादसे भी हो रहे हैं। हाल ही में सीहोर जिले के भेरू खो वाटरफॉल में 2 छात्र बह गए। यहां 15 दिनों में डूबने से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो बाढ़ के दौरान हुए हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। मानसून की आमद के बाद से जून और जुलाई के ये आंकड़े सरकार ने खुद विधानसभा में बताए हैं। जबकि 1657 पशुओं को भी जान गंवानी पड़ी है।

प्रदेश में 3980 मकान क्षतिग्रस्त हुए
बारिश के चलते सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (RRDA) की 254 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 293 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि 3 हजार 687 मकानों में आंशिक नुकसान भी हुआ है। कुल 3980 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

खराब हुई सड़कें और बांटी गई राहत
बाढ़ से प्रभावितों को अब तक प्रदेश में कलेक्टर्स ने 28 करोड़ 49 लाख रुपए की राहत राशि वितरित की है। आरआरडीए की कुल 254 सड़कें व पुल अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 212 में अस्थायी सुधार कराया जा चुका है। एसडीईआरएफ ने एक जून से 30 जुलाई 2025 तक 432 रेस्क्यू ऑपरेशन किए हैं। इनमें 3 हजार 628 व्यक्तियों और 94 मवेशियों का रेस्क्यू किया है।

सीएम कहा- लोगों को बचाना पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी प्रदेश में बाढ़ से बचाव और राहत को लेकर 31 जुलाई को कलेक्टरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में कह चुके हैं कि लोगों को सुरक्षित बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरत होने पर सेना की भी मदद लेने के लिए कहा है।

बांधों का जलस्तर बढ़ा, 18 के गेट खुले
इधर, मंत्री तुलसी सिलावट ने शुक्रवार को बांधों के जल भराव की समीक्षा की है। जिसमें अफसरों ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख 18 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं।

बरगी जबलपुर बांध के 5, बिलगांव डिंडोरी के 2, गोपी कृष्ण सागर गुना का 1, इंदिरा सागर खंडवा के 12, कोतवाल फीडर मुरैना के 2, कुटनी छतरपुर के 2, मणिखेड़ा शिवपुरी के 10, मनुअर शिवपुरी के 2, मटियारी मंडला के 6, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के 2, ओंकारेश्वर के 19, पगारा मुरैना के 2, पगरा फीडर सागर के 7, पवई पन्ना का 1, राजघाट अशोकनगर के 8, संजय सागर विदिशा का 1, थावर मंडला का 1 और अपर ककेटो श्योपुर का 1 गेट खोला जा चुका है।

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