भोपाल। प्रदेश के 23 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का पंजीयन चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई छह वर्ष में पार्टी से किसी के एक भी चुनाव न लड़ने और तीन वर्ष के वार्षिक लेखा परीक्षित खाते जमा नहीं करने के कारण की गई है। इससे पूर्व सभी दलों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने कारण बताओ नोटिस दिया था। व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करके निर्वाचन आयोग भेजी गई थी।
चुनाव आयोग ने 11 अगस्त को देश भर के पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त 475 निष्क्रिय दलों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को दिए थे। इनमें मध्य प्रदेश के 23 दल शामिल थे। इसके पहले नौ अगस्त को 15 दलों का पंजीयन निरस्त किया था। अब फिर छह दलों को नोटिस दिया गया है।
इनकी मान्यता समाप्त
आदिजन मुक्ति सेना भोपाल, अद्वैत ईशावाश्यम कांग्रेस सतना, अखिल दल भारतीय जन मोर्चा भोपाल, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी भोपाल, बहुजन संघर्ष दल ग्वालियर, भारतीय नवयुवक पार्टी ग्वालियर, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर ग्वालियर, भारतीय अपना अधिकार पार्टी ग्वालियर, भारतीय जनयुग पार्टी ग्वालियर, भारतीय सामाजिक एकता पार्टी रायसेन, भारतीय श्रमिक सोशलिस्ट सतना, बृहत्तर भारत प्रजातंत्र सेवा पार्टी पन्ना,
इकबाल पार्टी भिंड, मध्य प्रदेश नव निर्माण सेना जबलपुर, नेशनल वाइल्ड लाइफ पंचतत्व पार्टी शाजापुर, रहबर पार्टी रायसेन, प्रजातांत्रिक लोकराज्य पार्टी रीवा, राष्ट्रीय धर्मनिरपेक्ष नव भारत पार्टी जबलपुर, राष्ट्रीय गरिमा पार्टी भोपाल, राष्ट्रीय महा जनशक्ति पार्टी भिंड, सर्वे भवंतु सुखिना पार्टी सीधी, द इंपीरियल पार्टी आफ इंडिया इंदौर और विश्व आदर्श भारत पार्टी बड़वानी।
