भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव कि अध्यक्षता में आज कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार ने तय किया है कि सुगम परिवहन सेवा शुरू की जाएगी और बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। बस ऑपरेटर्स को इंगेज किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी प्रकार के नुकसान की संभावना न हो।
इसके लिए एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, जो पीपी मॉडल पर बसों का संचालन करेगी और उसका नियंत्रण होगा। कंपनी गठन के लिए 101 करोड़ रुपए दिए गए हैं, इसके बाद आगे राशि का इंतजाम किया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में आने-जाने की सुविधा मिलेगी। अब टिकट के बिना बस में कोई नहीं बैठेगा। टिकट काटने वाली एजेंसी अलग होगी और यह काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा।
जिले में भी होगी सलाहकार समिति
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि जिले में भी सलाहकार समिति होगी, जिसमें मंत्री, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे, जो समय-समय पर होल्डिंग कंपनी को सलाह देंगे। बस संचालकों को नुकसान न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। सवारी के साथ बस का उपयोग माल परिवहन के लिए भी कार्गो सिस्टम पर आधारित होगा।
कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
सीएम राइज स्कूल का नया नाम – अब इसे संदीपनि स्कूल के नाम से जाना जाएगा।
स्कूल की डिजाइन में भगवान श्रीकृष्ण की छवि शामिल की जाएगी।
85 लाख छात्रों को अप्रैल माह में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की जाएंगी।
कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिए केंद्र सरकार से 224 करोड़ रुपये मिले हैं।
उद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे।
5,000 महिलाओं के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
गेहूं खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया।
14.76 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी पहले ही हो चुकी है।
प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में गेहूं खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करें।
आईटी सिस्टम लागू कर टिकट व्यवस्था सख्त की जाएगी, जिससे टिकट चोरी पर रोक लगेगी।
कार्गो सेवा भी शुरू की जाएगी।
अब 7वें वेतनमान के अनुसार भत्ते दिए जाएंगे, जबकि पहले 6वें वेतनमान के आधार पर भत्ता मिलता था।
इससे सरकार पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा।
27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा।
