भोपाल। प्रदेश के 17 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों को इस साल मान्यता नहीं मिली है। साल 2025 में बीएससी नर्सिंग करने वाले छात्रों के पास केवल 4 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों के विकल्प हैं। जबकि आवेदन 16 पुराने समेत कुल 21 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों ने किया था।
यह छात्रों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि बीते साल 1340 सरकारी बीएससी नर्सिंग सीटें थीं, जो इस साल घटकर सिर्फ 515 रह गई हैं। यानी, नए सत्र में सरकारी कॉलेजों में 825 सीटें कम हुईं हैं। जबकि, प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट और जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी ट्रेनिंग सिलेक्शन टेस्ट का आयोजन 24 से 27 जून 2025 तक हुआ था।
78,157 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। जिनमें से 60,707 उपस्थित हुए थे। इन कैंडिडेट्स को सरकारी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना पहले के मुकाबले आधी से भी कम हो गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे नियमों की कड़ाई कारण है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस बार राजधानी के भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) तक को मान्यता नहीं मिली।
188 निजी कॉलेजों को मिली मान्यता
साल 2025 में छात्रों के लिए निजी नर्सिंग कॉलेज ही बड़ा विकल्प बने हैं। इस साल 188 निजी बीएससी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिनमें कुल 10,390 सीटें उपलब्ध होंगी। वहीं, जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी कोर्स के लिए 231 निजी कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिनमें 10,838 सीटें है।
इन चार सरकारी कॉलेजों को मिली मान्यता
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएमसी भोपाल
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएम हॉस्पिटल रीवा
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उज्जैन
पहले इन 16 कॉलेजों के पास थी मान्यता
नर्सिंग स्कूल, सिविल अस्पताल सिवनी
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, सिवनी
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, उज्जैन
शासकीय जीएनएम स्कूल, राजगढ़
शासकीय जीएनएम स्कूल, झाबुआ
शासकीय रानी दुर्गावती नर्सिंग कॉलेज, जबलपुर
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, इंदौर
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, विदिशा
शासकीय जीएनएम स्कूल, रायसेन
शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र, देवास
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, जीएम अस्पताल, रीवा
नर्सिंग स्कूल, मुख्य अस्पताल दतिया
शासकीय जीएनएम स्कूल, सतना
भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, भोपाल
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, जीएमसी भोपाल
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, जेए अस्पताल, ग्वालियर
शासकीय नर्सिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज जबलपुर
393 कॉलेजों ने इस साल किया आवेदन
2025-26 सत्र के लिए कुल 33 नए नर्सिंग कॉलेज और 360 पुराने कॉलेजों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। इनमें लगभग 21 शासकीय कॉलेज शामिल थे। इसके उलट निजी कॉलेजों के मामले में बड़ी संख्या में अनुमति दी गई। जीएनएम नर्सिंग के 231 और बीएससी नर्सिंग के 188 निजी कॉलेजों को मान्यता मिल गई।
एनएसयूआई ने निजी कॉलेजों की मान्यता पर उठाए सवाल
एनएसयूआई ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई निजी कॉलेज नियमों का पालन नहीं कर रहे और फर्जी फैकल्टी नियुक्त कर संचालन कर रहे हैं। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि शासकीय और निजी कॉलेजों की फैकल्टी व अन्य गंभीर अनियमितताओं को लेकर नर्सिंग काउंसिल को विस्तृत शिकायतें दी गई थीं।
हैरानी की बात है कि शासकीय कॉलेजों की मान्यता रोक दी गई, जबकि निजी कॉलेजों को शिकायतों के बावजूद अनुमति दे दी गई। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों की फैकल्टी सिर्फ कागजों पर है, उन्हें भी मान्यता दे दी गई, जिसकी शिकायत वे सीबीआई और हाईकोर्ट से करेंगे।
