IAS : BA, LLB के बाद बनीं आईएएस, 105 करोड़ के घोटाले में हो गईं गिरफ्तार, फ‍िर खुला राज

नई दिल्ली। असम कैडर की रिटायर्ड IAS ऑफिसर सेवाली देवी शर्मा एक बार फ‍िर चर्चा में हैं.प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सेवाली देवी शर्मा और उनके करीबी लोगों के आठ ठिकानों पर छापेमारी की.इस कार्रवाई का मकसद ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL)सेल के जरिए सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग की जांच करना है. सेवाली ने अपनी पढ़ाई-लिखाई के दम पर अपने करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन एक घटना ने उनको सवालों के घेरे में ला दिया.

सेवाली देवी शर्मा 1992 कैडर की IAS ऑफिसर हैं. उनका सेलेक्‍शन रिक्रूटमेंट स्टेट सिविल सर्विसेज (SCS)के माध्यम से हुआ था.उन्होंने बीए एलएलबी के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और प्रशासनिक सेवा के लिए सेलेक्‍ट हुईं.आईएएस बनने के बाद उन्‍होंने कई अहम जिम्‍मेदारियां संभाली.असम सरकार ने बाद में उन्‍हें एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) का डायरेक्टर बनाया था, जहां उनकी जिम्मेदारी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग सेल को संभालने की थी.

ED Arrested : ED के मुताबिक सेवाली देवी शर्मा SCERT की ODL सेल की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन और डायरेक्टर थीं.उनका काम नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के दो साल के एलीमेंट्री एजुकेशन डिप्लोमा लागू करना था.असम सरकार ने इसके लिए 59 संस्थानों को मंजूरी दी थी जहां 27,897 सरकारी टीचरों के लिए जगह थी.हर संस्थान में 100 ट्रेनीज थे,लेकिन सेवाली ने नियम तोड़ते हुए 347 स्टडी सेंटर खोल दिए और 1,06,828 ट्रेनीज को दाखिल कर लिया ताकि ज्यादा फंड इकट्ठा हो सके.

मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल ने सेवाली और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. पुलिस जांच में पता चला कि उनके पास 5.7 करोड़ रुपये की संपत्ति थी जो सरकारी फंड के दुरुपयोग से जुड़ी थी.इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था और वे फरार थीं.9 मई 2023 को अजमेर से उन्हें,उनके दामाद अजीतपाल सिंह और तीन अन्य लोगों को असम पुलिस ने अरेस्ट किया.वे अजमेर के एक होटल में छिपे थे लेकिन छापेमारी में पकड़े गए.इस तरह कल तक यूपीएससी की तैयारी करने वाले तमाम युवाओं के लिए मिसाल बनी एक आईएएस सेवाली देवी शर्मा घोटाले में फंस गईं.जहां वह तमाम युवाओं के लिए आईकॉन थीं आज वह एक ऐसी उदाहरण बन गईं जिसकी चर्चा कोई नहीं करना चाहता.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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