हनी ट्रैप केस की प्रमुख आरोपी श्वेता जैन एक बार फिर सुर्खियों में, एक करोड़ ब्लेकमैलिंग का आरोप, हिरासत में

भोपाल। मध्य प्रदेश के चर्चित 2019 हनी ट्रैप केस की प्रमुख आरोपी श्वेता जैन एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसे शराब कारोबारी से कथित रूप से 1 करोड़ रुपए की उगाही और ब्लैकमेलिंग के मामले में हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान को निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया जा रहा था। मामले में महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को भी पकड़ा गया है।

कैसे फंसाया गया कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की पहचान पहले अलका दीक्षित से हुई थी। बाद में अलका ने उसकी मुलाकात लाखन चौधरी से करवाई, जिसने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का प्रस्ताव दिया।
जब कारोबारी ने साझेदारी से इनकार किया तो आरोपियों ने कथित रूप से दबाव बनाना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, सुपर कॉरिडोर इलाके में कारोबारी के साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
इसके बाद आरोपियों ने कथित निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 करोड़ रुपए की मांग की। कारोबारी ने इसकी शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन शुरू किया।

भोपाल से पकड़ी गई श्वेता जैन
क्राइम ब्रांच ने सोमवार शाम भोपाल के मीनाल रेजिडेंसी इलाके से श्वेता जैन को हिरासत में लिया। देर रात उसे पूछताछ के लिए इंदौर लाया गया।
हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से उसकी भूमिका पर विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उसे इस पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
पुलिसकर्मी की भूमिका भी सामने आई
जांच में इंटेलिजेंस शाखा के प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा का नाम भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, अलका और विनोद के बीच लगातार संपर्क था और कारोबारी के निजी वीडियो तथा फोटो भी साझा किए गए थे। आरोप है कि कारोबारी पर दबाव बनाने की रणनीति में विनोद ने मदद की।
एमजी रोड थाना पुलिस ने विनोद शर्मा को उसके सरकारी क्वार्टर से हिरासत में लिया और उसका मोबाइल व लैपटॉप जब्त किया।

अलका दीक्षित पर पहले से कई केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अलका दीक्षित पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही और बाद में ड्रग नेटवर्क में भी सक्रिय बताई गई। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उगाही कर रहा था।
ऑपरेशन “सीक्रेट” कैसे चला
रात 2 बजे वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई
रात 3 बजे 40 पुलिसकर्मियों की 7 टीमें बनाई गईं
द्वारकापुरी और पीथमपुर में एक साथ दबिश दी गई
जयदीप और लाखन चौधरी को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया
अलका को निर्माणाधीन मकान से हिरासत में लिया गया
शाम 4 बजे भोपाल से श्वेता जैन को पकड़ा गया।

फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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