MP : खाद के लिए रीवा में भगदड़, महिलाओं को कुचलते हुए गुजर गई भीड़, चार महिलाएं, दो पुरुष बुरी तरह घायल

रीवा. मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद प्रदेश में खाद वितरण की व्यवस्था दुरस्त नहीं हो पा रही है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के गृह जिले रीवा में खाद के लिए खड़े किसानों पर लाठीचार्ज के दूसरे दिन उमरी में किसानों में भगदड़ मच गई। कुछ लोग जमीन पर गिर गए, भीड़ उनको कुचलते हुए आगे बढ़ी। चार महिलाएं बुरी तरह घायल हुई हैं। दो पुरुषों को भी चोटें आई हैं। घटना से किसान गुस्से में हैं। घटना मंगलवार दोपहर की है।

बताया गया कि हादसा कॉलेज प्रबंधन की जिद और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुआ। प्रशासन ने एक कॉलेज में खाद वितरण केंद्र बनाया है। सुबह से सैकड़ों किसानों की भीड़ इकट्ठा होने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन गेट नहीं खोल रहा था। हालांकि, दावा किया गया है कि कॉलेज प्रबंधन वितरण केंद्र कहीं और शिफ्ट करने को बोल रहा था, लेकिन किसान वहां खाद की कमी बता रहे हैं।

सुबह से लाइन लगी, अचानक खोला गेट
मंगलवार सुबह से खड़े किसान दोपहर तक भूख और प्यास से बेचैन हो गए। पुलिस ने गेट खुलवाने का कोई प्रयास नहीं किया। बाद में एडीएम सपना चौधरी और एसपी विवेक सिंह के निर्देश पर पुलिस मौके पर पहुंचीं। एएसपी आरती सिंह ने वितरण केंद्र का गेट खुलवाया तो सैकड़ों की भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।
चार महिलाएं दबकर बेहोश हो गईं। एक के दांत किसी का पैर रखने से मसूड़ों में धंस गए। पुलिस रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन व्यवस्था बनाने में कामयाब नहीं हुई।
इधर, रीवा के खाद वितरण केंद्र में हुई भगदड़ को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपनी नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो सरकार किसानों को खाद न दे पाए, वो सरकार निकम्मी है।

सुबह साढ़े चार बजे से लाइन में थे किसान
किसान प्रवीण कुमार पटेल ने बताया कि मैं पटना गांव से आया हूं। भगदड़ का कारण है कि केंद्र पर जिम्मेदार यह फैसला ही नहीं कर पा रहे हैं कि कहां पर टोकन बांटे जाएंगे। कहां पर खाद बांटी जाएगी। मैं सुबह 4:30 खाद वितरण केंद्र पर आ गया था। कभी बोलते हैं कि टोकन लेने वहां चले जाओ। कभी ये कहा जाता कि यहीं पर मिलेगा। इन्हीं सब वजह से व्यवस्था खराब हो गई।

किसान शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि मैं उमरी ग्राम पंचायत से आया हूं। यहां सुबह 8 बजे से पहुंच गया था। दो दिन पहले एसडीएम के माध्यम से यह जानकारी मिली थी कि मंगलवार को टोकन वितरण किया जाएगा। इसी वजह से बड़ी संख्या में टोकन और खाद लेने यहां पहुंचे, लेकिन इसे प्रशासन और पुलिस की अव्यवस्था ही कहा जाएगा कि इस तरह की स्थिति निर्मित हुई।

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कांग्रेस ने कालाबाजारी का आरोप लगाया
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि अगर सभी खाद वितरण केंद्रों में खाद की उपलब्धता है तो सितंबर के महीने में भी भगदड़ क्यों मची। जितनी बार खाद की रैक आती है, उतनी बार कालाबाजारी हो जाती है। किसानों को झूठ बोलकर गर्मी और बरसात में लाइनों में चार-चार दिन खड़ा कराया जाता है, जिससे उनमें असंतोष पैदा होता है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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