MP : रीवा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बेस पिलर खिसका: हादसे की आशंका; कुछ दिनों पहले ही फॉल सीलिंग गिरी थी

रीवा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग के मालिक राजेंद्र शुक्ल के अपने गृह जिले रीवा में करोड़ों की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। हाल ही में बैक टू बैक अस्पताल की फॉल सीलिंग धड़ाम से गिर चुकी थी, जिससे कई मरीज और उनके परिजन बाल-बाल बचे। उस समय मामले को मामूली तकनीकी गड़बड़ी बता कर दबा दिया गया था।

रविवार को अस्पताल के बेस का एक मजबूत पिलर दरार खाकर अपनी जगह से खिसक गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और संरचनात्मक जांच नहीं की गई, तो पूरा स्ट्रक्चर गंभीर खतरे में पड़ सकता है। यह वही अस्पताल है, जहां रीवा और आसपास के जिलों से हार्ट और गंभीर बीमारियों के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
अधिवक्ता बीके माला ने बताया कि इसे प्रदेश सरकार ने ‘आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र’ बताया था। लेकिन करोड़ों की लागत और तकनीकी इंजीनियरिंग के बावजूद निर्माण में इतनी बड़ी खामियां कैसे रह गईं, यह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि जब फॉल सीलिंग गिरने की घटना हुई थी, प्रशासन ने इसे ‘छोटी तकनीकी गड़बड़ी’ बताकर टाल दिया। अब पिलर खिसकने की घटना से यह स्पष्ट हो गया कि यह केवल छोटी गलती नहीं बल्कि लापरवाही और संभवतः भ्रष्टाचार का परिणाम है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि करोड़ों का यह प्रोजेक्ट इंजीनियरों और ठेकेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित होगी, यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है।

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वहीं पूरे मामले में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक अक्षय श्रीवास्तव का कहना है कि अस्पताल का रखरखाव पीडब्ल्यूडी के अंडर में है। मैं पूरे मामले को देखता हूं कि आखिरकार अस्पताल में कहां दरारें पड़ी हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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