ED : राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर हाई कोर्ट का रुख करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता को ईडी ने तलब

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के उस भाजपा कार्यकर्ता को तलब किया है, जिसने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। व्यक्ति की पहचान एस. विग्नेश शिशिर के रूप में हुई है। उन्हें नौ सितंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। ईडी सूत्रों ने बताया कि शिशिर से मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत मामले से संबंधित सभी साक्ष्य और दस्तावेज के साथ पेश होने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि इन आरोपों की जांच की जा रही है। फेमा के तहत ईडी व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करता है। जब इस मामले पर कांग्रेस पार्टी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उसने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में शिशिर ने दावा किया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के कुछ दस्तावेज और ईमेल हैं, जो यह साबित करते हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं और इस कारण भारत में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।

केंद्र को सुरक्षा देने का निर्देश
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 30 अगस्त को केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि शिशिर को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए। जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बी. आर. सिंह की खंडपीठ ने भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया। अपने अंतरिम आदेश में पीठ ने कहा, “हम पहली नजर में संतुष्ट हैं कि यह मामला विचार योग्य है क्योंकि याचिकाकर्ता ने एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर किया है और लगातार धमकियों का सामना कर रहा है तथा नोटिस के अनुपालन में उन्हें रायबरेली जिले के कोतवाली थाने में जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना पड़ रहा है।”

9 अक्टूबर को होनी है सुनवाई
शिशिर ने हाई कोर्ट को बताया था कि उनकी जून 2024 में की गई शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं और उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े साक्ष्य भी दिए हैं। उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर के लिए तय की है। इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को गांधी की ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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