MP के 31 में 12 मंत्रियों पर आपराधिक मामले, विजयवर्गीय पर पश्चिम बंगाल में 5 एफआईआर, इंदर सिंह पर हत्या के प्रयास का केस

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के 31 मंत्रियों में से 12 ने खुद पर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात मानी है, इनमें से 3 पर हत्या के प्रयास, भड़काऊ बयान, महिलाओं की मर्यादा भंग करने जैसे गंभीर आपराधिक मामले भी शामिल हैं। बाकी 9 मंत्रियों पर मामूली धाराओं में मामले दर्ज हैं। यह जानकारी एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) द्वारा जारी रिपोर्ट में सामने आई है।
चुनाव सुधार संस्था ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ADR ने 27 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के कुल 643 मंत्रियों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया। इनमें मध्य प्रदेश सरकार में शामिल 31 मंत्री भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में इन नेताओं द्वारा दिए गए शपथ पत्र के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। वर्तमान में कुछ मामलों की स्थिति बदल भी सकती है।
विजयवर्गीय पर पश्चिम बंगाल में 5 एफआईआर
भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 6 गंभीर आईपीसी धाराएं और 14 अन्य धाराएं शामिल हैं। अधिकतर मामले पश्चिम बंगाल में दर्ज हैं। इन मामलों में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, भड़काऊ बयान देने, अवैध सभा करने और महिलाओं की मर्यादा भंग करने जैसे अपराध शामिल हैं। अभी तक किसी भी मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही अपील दायर हुई है।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार पर हत्या के प्रयास का केस
शाजापुर के शुजालपुर से विधायक इंदर सिंह परमार पर 2 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे, जिनमें 1 गंभीर आईपीसी धारा और 3 अन्य धाराएं शामिल हैं। पहले मामले में उन पर धारा 307 के तहत हत्या का प्रयास, 148 के तहत घातक हथियार के साथ दंगा और 109 उकसाने के तहत आरोप लगे थे। यह मामला अतिरिक्त सत्र न्यायालय, शुजालपुर में चला। 24 जुलाई 2001 को उन्हें धारा 148 में 1 साल की सजा, और धारा 307/149 में 5 साल की सजा व 1500 का जुर्माना हुआ।
जायसवाल पर धोखाधड़ी और जालसाजी का केस
दिलीप जायसवाल अनूपपुर जिले की कोतमा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। उन पर 1 आपराधिक मामला दर्ज है, इस मामले में 5 गंभीर आईपीसी धाराएं और 2 अन्य धाराएं शामिल हैं। मामला MP/MLA स्पेशल कोर्ट, जबलपुर (मध्यप्रदेश) में लंबित है। दिलीप पर धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने (धारा 420), जालसाजी (धारा 467, 468, 471), लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात (धारा 409), चोरी की संपत्ति का कारोबार (धारा 413) और समान इरादे से अपराध (धारा 34) जैसे आरोप हैं।
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप पर भी केस दर्ज
नरसिंहपुर जिले के गाड़रवाड़ा सीट से विधायक उदय प्रताप सिंह पर 1 आपराधिक मामला लंबित है, जिसमें कोई गंभीर आईपीसी धारा शामिल नहीं है। यह मामला थाना गाड़रवाड़ा, जिला नरसिंहपुर में दर्ज हुआ और स्पेशल ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट जबलपुर में लंबित है। उदय पर धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रसारित आदेश की अवहेलना) के तहत आरोप लगे हैं। अभी तक इस मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं।
लखन पटेल पर अश्लीलता से जुड़ा केस
सागर जिले की पथरिया से विधायक लखन सिंह पटेल पर आपराधिक मामला लंबित है, जिसमें कोई गंभीर आईपीसी धारा नहीं है। यह मामला एफआईआर नंबर 67/2019, थाना कोतवाली दमोह में दर्ज हुआ और SCPPM-4/2023, JMFC & स्पेशल जज, जबलपुर में लंबित है।
तुलसी सिलावट पर इंदौर में एफआईआर
इंदौर की सांवेर सीट से विधायक तुलसीराम सिलावट पर 1 आपराधिक मामला लंबित है, जिसमें कोई गंभीर आईपीसी धारा शामिल नहीं है। यह मामला थाना सांवेर (ग्रामीण), जिला इंदौर में दर्ज हुआ और जेएमएफसी & स्पेशल जज, इंदौर में लंबित है। सिलावट पर धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रसारित आदेश की अवहेलना) के तहत आरोप लगे हैं। मामले में 16 सितंबर 2022 को आरोप तय किए गए और अभी तक कोई अपील दायर नहीं की गई है।
नारायण सिंह पंवार पर बलवा का केस
राजगढ़ के ब्यावरा से विधायक नारायण सिंह पंवार पर 1 आपराधिक मामला लंबित है, जिसमें कोई भी गंभीर आईपीसी धारा शामिल नहीं है। यह मामला थाना ब्यावरा सिटी, जिला राजगढ़ में दर्ज हुआ था और वर्तमान में एमपी/एमएलए कोर्ट भोपाल में चल रहा है।नारायण पर धारा 147 के तहत दंगा करने, धारा 188 के तहत लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और धारा 341 गलत तरीके से रोकने के तहत आरोप लगे हैं। अभी तक इस मामले में न तो आरोप तय हुए हैं।
अहिरवार के खिलाफ जुआ खेलने का केस
छतरपुर के चांदला से विधायक दिलीप अहिरवार पर कुल 3 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें कोई भी गंभीर आईपीसी धारा नहीं है। दिलीप के खिलाफ केवल धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का दंड) के तहत एक आरोप है। पहले और तीसरे मामले में उन पर जुआ अधिनियम की धारा 13 के तहत आरोप लगे थे। इनमें से कोई भी मामला वर्तमान में लंबित नहीं है।
राजपूत के खिलाफ 188 के दो केस
सागर जिले की सुरखी से विधायक गोविंद सिंह राजपूत पर 2 आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें कोई भी गंभीर आईपीसी धारा शामिल नहीं है। दोनों मामलों में उन पर धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रसारित आदेश की अवहेलना) के तहत आरोप लगे हैं।





