Constitution Club : बालियान हारे, बीजेपी के ही रूढ़ी बने विजेता

नई दिल्ली. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के सचिव पद के लिए हुए हाई प्रोफाइल और भाजपा बनाम भाजपा की जंग में एक बार फिर बाजी राजीव प्रताप रूडी के हाथ लगी। रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को हराकर इस पद पर ढाई दशक का अपना कब्जा बरकरार रखा। बालियान को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का समर्थन प्राप्त था, ऐसा बताया जा रहा है।
इस चुनाव ने कई कीर्तिमान बनाए। पहली बार चुनाव में डाक मत का ही प्रयोग नहीं हुआ, बल्कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिाकर्जुन खरगे, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई बड़ी सियासी हस्तियों ने मताधिकार का प्रयोग किया।
क्लब के चुनाव में अन्य किसी पद पर मतदान की नौबत नहीं आई। खेल सचिव पद पर राजीव शुक्ला, संस्कृति सचिव के पद पर तिरुचि शिवा ओर कोषाध्यक्ष के पद पर जितेंद्र रेड्डी निर्विरोध चुने हुए। हालांकि सचिव पद पर रूडी के खिलाफ उनकी ही पार्टी के बालियान ने नामांकन किया जिसके कारण चुनाव की नौबत आई। इसके बाद दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर हुई खेमेबंदी ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।
मतदान का बना नया कीर्तिमान
सचिव पद के लिए अब तक तीन बार चुनाव हुए हैं। तीनों ही चुनावों में औसतन सौ के करीब मतदाताओं ने ही वोट डाले। इस बार चौथे चुनाव में मामला हाई प्रोफाइल हो जाने के कारण रिकॉर्ड 707 मत पड़े। पहली बार 38 सदस्यों ने मतदान के लिए डाक मत का भी इस्तेमाल किया। 669 सदस्यों ने मौके पर जा कर वोट दिया। वोट देने वालों में मोदी सरकार के करीब-करीब सभी मंत्री, कांग्र्रेस समेत विपक्षी दलों के सभी दिग्गज नेता शामिल थे। गौरतलब है कि इस चुनाव में वर्तमान और पूर्व सांसद ही वोट डाल सकते हैं। इनकी संख्या करीब 1300 है।
दोनों ओर से दिग्गजों ने संभाला मोर्चा
दोनों उम्मीदवार भाजपा से होने के कारण इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया। रूडी के पक्ष में भाजपा के कुछ सांसदों के साथ कांग्रेस समेत विपक्षी दिग्गज नेताओं ने भी मोर्चा संभाला। वहीं, बालियान के पक्ष में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे जुटे हुए थे। दुबे को गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। दुबने ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दलालों के कब्जे का आरोप लगा कर सनसनी फैला दी थी। दूसरी ओर, रूडी के पक्ष में उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता ने मोर्चा संभाला और राजपूत लॉबी भी सक्रिय हो गई। कई सदस्यों ने अपने-अपने करीबियों को फोन कर अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए वोट डालने को मनाया।





