Bhopal : 70 लाख की रिकवरी नहीं करा पा रहे कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कोर्ट में पेश होना पड़ेगा…!

भोपाल। रेरा और हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी 70 लाख  रुपए की RRC का निष्पादन ना कर पाना अब भोपाल कलेक्टर को भारी पड़ता हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि एक ही मामले में यह दूसरा मौका है जब कोर्ट ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को खुद पेश होने का आदेश दिया है।

जबलपुर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को फटकार लगाते हुए अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। जबलपुर में जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने यह आदेश अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद पारित किया। क्योंकि कलेक्टर की ओर से रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) के निष्पादन को लेकर कोई ठोस जवाब पेश नहीं किया जा सका। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में नाराजगी जताते हुए कहा कि आदेश का पालन न करना और कोर्ट के सामने संतोषजनक जवाब न देना गंभीर विषय है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2025 को होगी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को खुद पेश होकर जवाब देना होगा।
पहले भी जारी हो चुका है जमानती वारंट

    यह कोई पहला मौका नहीं है जब भोपाल कलेक्टर को हाईकोर्ट का कड़ा रुख झेलना पड़ रहा हो। इससे पहले भी इसी मामले में हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ 500 रुपए का जमानती वारंट जारी किया था। हालांकि उस समय कारण यह था कि राज्य शासन की ओर से नियुक्त अधिवक्ता सुनवाई में पेश नहीं हुए थे। इसके बाद कोर्ट ने कलेक्टर को ही निर्देश दिया था कि संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
रेरा के आदेश का पालन न करने से खड़ा हुआ विवाद

पूरा मामला ग्वालियर निवासी भानु प्रताप सिंह की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने भोपाल की एक प्रॉपर्टी को लेकर रेरा (Real Estate Regulatory Authority) से राहत मांगी थी। रेरा ने उनके पक्ष में निर्णय देते हुए लगभग 70 लाख रुपये की वसूली के लिए RRC पारित किया था, जिसका निष्पादन भोपाल कलेक्टर को करना था। लेकिन आदेश के बावजूद वसूली नहीं हो सकी।
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुआ पालन

10 जुलाई 2023 को ही जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने भोपाल कलेक्टर को स्पष्ट आदेश दिया था कि इस RRC का निष्पादन किया जाए। बावजूद इसके आदेश का पालन नहीं हुआ। नतीजतन, भानु प्रताप सिंह ने भोपाल कलेक्टर के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी। जब पिछली सुनवाई में भी प्रतिवादी पक्ष से कोई पेश नहीं हुआ, तब हाईकोर्ट ने जमानती वारंट जारी कर कलेक्टर को पेश होने का आदेश दिया था। इस तरह एक ही मामले में भोपाल कलेक्टर को दो बार तलब कर दिया गया है।
अब भोपाल कलेक्टर को देना होगा कोर्ट में जवाब
अब देखना होगा कि 25 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में भोपाल कलेक्टर हाईकोर्ट के सवालों का क्या जवाब देते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि कोर्ट इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और आदेश के पालन में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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