भोपाल। राजधानी में जैन सर्वोदय विद्याज्ञान पीठ समिति द्वारा संचालित महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (कॉलेज) नीलामी की कगार पर है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने समिति को 122 करोड़ रुपए की रिकवरी के लिए नीलामी नोटिस भेजा था। पैसे ना चुकाने पर दो दिन पहले बैंक ने अख़बार में नीलामी का इश्तहार दिया था, जिसमें 24.06 करोड़ कीमत रखी है।
कॉलेज के चेयरमैन मप्र के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया हैं और प्रशासक सेवानिवृत्त आईएएस राजेश जैन हैं। नीलामी नोटिस के बाद कॉलेज की समिति के संस्थापक सदस्य डॉ. राजेश जैन का आरोप है कि जयंत मलैया और प्रशासक राजेश जैन के कारण यह सब हुआ है। ट्रस्ट के पास पैसे होने के बाद भी इन लोगों ने लोन नहीं चुकाया। यह लोग अब नीलामी के जरिए अपने किसी चहेते को 850 करोड़ की यह प्रॉपर्टी दिलाना चाहते हैं।
जांच हुई तो सामने आई लापरवाही… संस्था के सदस्यों के बीच हुए विवाद के बाद मामले की जांच असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटी ने की थी। सितंबर 2023 में सामने आई जांच रिपोर्ट में लिखा गया कि संस्था के दस्तावेजों का रिकॉर्ड सही ढंग से नहीं किया गया। सदस्यता देने में भी गड़बड़ी हुई।
असल में महावीर मेडिकल साइंसेज कॉलेज 2020 में शुरू हुआ। था इसके लिए 136 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 104.12 करोड़ का लोन स्वीकृत किया। इसमें से 95 करोड़ ही संस्था को मिले। समिति सदस्यों के अनुसार कुछ ब्याज (36 करोड़) दिया गया। फीस से हुई आमदनी से राशि नहीं चुकाई गई, इसलिए बैंक ने ब्याज सहित 122 करोड़ का नोटिस पहले दिया था।
पांच अगस्त 2025 को बैंक ने अख़बार में विज्ञापन दिया है, जिसमें कुल 27 कम्पनियों की नीलामी का उल्लेख है। महावीर मेडिकल कालेज चलाने वाली संस्था जैन सर्वोदय विद्या ज्ञानपीठ समिति के लिए 24 करोड़ की राशि निर्धारित की है।
समाजसेवी राजेंद्र कोठारी ने जैन समाज के लोगों से अपील की है कि समाज को इस संस्था को बचाने के. लिए आगे आएं।
