चेन्नई। तमिलनाडु चुनाव में सबसे अधिक सीट लाकर अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय ने सबको हैरत में डाल दिया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने इस चुनाव में 108 सीटें अपने नाम की हैं। मंगलवार को टीवीके प्रमुख विजय ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें वे विधायक दल के नेता चुने गए।
टीवीके प्रमुख ने पार्टी मुख्यालय में पेरियार ई.वी रामसामी, बी.आर.आंबेडकर, के.कामराज, वेलू नाचियार और अंजलाई अम्माल को पुष्पांजलि अर्पित की।
विजय का पार्टी सदस्यों ने किया जोरदार स्वागत
विजय का उनके पार्टी सदस्यों और कई विधायकों ने स्वागत किया। एक विधायक ने कहा कि विजय ने विधायक दल के नेता के चुनाव और विधानसभा में विधायकों के आचरण पर चर्चा करने के लिए पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी।
कैसे हासिल करेगी बहुमत?
टीवीके नेता नंजिल संपत ने बताया कि बैठक में विधायक पार्टी नेता को अपने प्रमाण पत्र सौंपेगे और सरकार बनाने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि टीवीके बहुमत कैसे हासिल करेगी तो संपत ने मीडिया के कहा, पार्टी नेता (विजय) इसका हल निकालेंगे। उन्होंने कहा, मुझे सकारात्मक परिणाम का पूरा विश्वास है, जल्द अच्छी खबर सुनने को मिलेगी।
टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए, चूंकि विजय की पार्टी के पास 108 विधायक हैं ऐसे में उन्हें बाकि 10 के लिए किसी पार्टी के सहयोग की जरूरत पड़ेगी।
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीट के लिए 23 अप्रैल को चुनाव हुए थे और सोमवार यानी चार मई को काउंटिंग की गई। इस चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जबकि डीएमके 59 और एआईडीएमके को 47 सीटें मिलीं।
मिल सकता है कांग्रेस व इन दलों का साथ
सूत्रों के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि टीवीके, कांग्रेस और अन्य कुछ दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बना सकती है। कांग्रेस के पास पांच सीटें हैं, वीसीके के पास दो, सीपीआई और सीपीआई (एम) के पास दो-दो सीटें हैं, ऐसे में अगर ये साथ आते हैं तो कुल 11 विधायकों का एक मजबूत संगठन बनेगा। उम्मीद की जा रही है कि टीवीके को आईयूएमएल, डीएमडीके या पीएमके के कुछ वर्गों जैसे दलों से अतिरिक्त समर्थन भी मिल सकता है।
सूत्रों ने बताया कि गठबंधन में साथ आने पर कांग्रेस को दो मंत्रालय मिलने की संभावना है, जबकि अन्य छोटे दलों को एक-एक पोर्टफोलियो मिलेगा। टीवीके अपने सहयोगी दलों को चार से छह मंत्री पद दे सकती है।
