PFC में मर्ज होगी REC, 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लोन बुक वाली दिग्गज PSU NBFC बनेगी

नई दिल्ली: सरकारी क्षेत्र की दिग्गज वित्तीय कंपनी Power Finance Corporation (PFC) में REC Limited का विलय (Merger by Absorption) होगा। दोनों कंपनियों के बोर्ड इस योजना को मंजूरी दे चुके हैं। प्रस्तावित विलय के बाद देश के बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की फाइनेंसिंग संस्थाओं में से एक का गठन होगा, जिसका कुल लोन बुक 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा और संयुक्त इकाई का अनुमानित मूल्य करीब 2.42 लाख करोड़ रुपये होगा।


विलय के तहत REC का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और वह PFC में समाहित हो जाएगी। योजना के अनुसार REC के शेयरधारकों को हर 100 REC शेयरों के बदले PFC के 88 इक्विटी शेयर मिलेंगे। इस सौदे में किसी नकद भुगतान का प्रावधान नहीं है।
इस पूरे लेनदेन में प्रमुख विधिक सलाहकार की भूमिका देश की अग्रणी लॉ फर्म Cyril Amarchand Mangaldas (CAM) ने निभाई। फर्म ने PFC और REC दोनों को ट्रांजैक्शन काउंसिल के रूप में सलाह दी। योजना के ढांचे, वैधानिक मंजूरियों और विभिन्न मंत्रालयों तथा सरकारी प्राधिकरणों के साथ समन्वय में भी CAM की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह विलय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह दो ‘महारत्न’ केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और बिजली क्षेत्र की दो सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की NBFCs का एकीकरण है। प्रस्तावित योजना अभी आवश्यक नियामकीय, शेयरधारक, लेनदार और अन्य वैधानिक मंजूरियों के अधीन है।

Exit mobile version