Business: Bhopal के अमित ने कर दिया कमाल, 10 लाख लगाकर खड़ी कर दी 150 करोड़ की कंपनी

हर सफल व्यक्ति का जीवन एक साधारण शुरुआत से शुरू होता है, जहां उन्हें संसाधनों और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद मेहनत करने से पीछे नहीं हटते हैं। कुछ ऐसी आज हम एक ऐसे शख्स की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने 10 लाख रुपये से शुरू कर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया है। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के भोपाल के अमित निगम के बारे में। उन्होंने सिर्फ एक कंपनी नहीं खड़ी की, बल्कि कई लोगों को रोजगार दिया और बैंकिंग सेक्टर से दूर लोगों की कई सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं।

द वीकेंड लीडर में छपी खबर के मुताबिक, अमित निगम ने साल 2017 में ‘बैंकइट’ (Bankit) नाम के एक डिजिटल पेमेंट स्टार्टअप की शुरुआत की। इस स्टार्टअप का मकसद आखिरी छोर में खड़े लोगों तक सर्विस मुहैया कराना है। पिछले 5 साल में ‘बैंकइट’ की कमाई में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। मौजूदा समय में कंपनी का टर्नओवर 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

पिता वकील, बेटे को मैनेजमेंट में चस्का
रिपोर्ट के मुताबिक, अमित निगम का जन्म मध्य प्रदेश के भोपाल में हुआ। उनके परिवार में ज्यादातर लोग सरकारी कर्मचारी हैं। अमित के पिता इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीनियर वकील है। जाहिर है अमित से भी यहीं उम्मीद की गई कि वो भी सरकारी नौकरी या वकालत के पेशे की ओर रूख करें। इधर अमित को मैनेजमेंट में जाने का शौक था। अमित का कहना है कि सरकारी नौकरी में जाने का दबाव तो हमेशा रहता था, लेकिन मेरी रूचि इधर बिल्कुल भी नहीं रही। अमित ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से B.A. अर्थशास्त्र में किया। इसके बाद नोएडा से मार्केटिंग में पीजीडीएम का कोर्स किया

अमित को नौकरी रास नहीं आई
कोर्स करने के बाद अमित को प्लेसमेंट के जरिए दिल्ली के इंडियन रेयॉन लिमिटेड में नौकरी मिल गई। उस समय अमित की सैलरी 10,000 रुपये महीना था। अमित ने बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी जॉइन किया था। अमित को प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी ने 6 महीने के भीतर उन्हें प्रमोशन दे दिया। अमित कंपनी में 1993 से 1995 तक काम करते रहे। इसके बाद अमित ने एस्कॉर्टेल मोबाइल कम्युनिकेशन, उषा और एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों में भी काम किया। वहां उन्होंने सेल्स और मार्केटिंग प्रमुख के रूप में अहम भूमिकाएं निभाईं।

अमित ने की बैंकइट की स्थापना
साल 2017 में अमित ने 10 लाख रुपये लगाकर बैंकइट की स्थापना की। इस कंपनी का मकसद अप्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी-मजदूरों तक आसान वित्तीय सेवाएं मुहैया कराना है। ये वो लोग हैं, जो बैंकिंग सेवाओं से कोसों दूर हैं। इन लोगों को बड़े शहरों में बैंकिग सेवाओं को पाने कई तरह की कठिनाइयों का सामन करना पड़ता था। कंपनी के सबसे बड़े ग्राहक अप्रवासी मजदूर हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को बैंक खाता खोलने, पैसे भेजने, बिलों का भुगतान करने और यहां तक कि बीमा की सुविधाएं मुहैया कराता है। इसमें आरडी, एफडी और नए खाते खोलने जैसी पारंपरिक बैंकिंग सेवाएं भी मिलती हैं। बैंकइट एक ऑल-इन-वन बैंकिंग और पेमेंट ऐप है, इससे देश के सभी शहरों में लोगों को वित्तीय सेवाएं मुहैया कराई जाती है।

बैंकइट का टर्नओवर 150 करोड़ रुपये
अमित के इस बिजनेस मॉडल बड़ी कामयाबी मिली। साल 2020-21 में कंपनी का रेवेन्यू 15 करोड़ रुपये था। वहीं साल 2023-24 में यह बढ़कर 150 करोड़ रुपये हो गया। बेंकइट का हेडऑफिस नोएडा में है। यह बैंकइट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटे के नाम से रजिस्टर्ड है। अमित की अगुवाई में कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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