बेंगलुरु। बेंगलुरु के 27 वर्षीय प्रोग्रामर राज ने दावा किया है कि उन्होंने सरकारी IT नीलामी से खरीदे गए एक पुराने बैंक सर्वर की मदद से अपना AI बिजनेस खड़ा किया और अब हर महीने करीब 27 लाख रुपये कमा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
राज के मुताबिक उन्होंने सरकारी IT ई-ऑक्शन से चार स्टोरेज शेल्फ, 96TB हार्ड ड्राइव और एक मैनेज्ड स्विच केवल 3.5 लाख रुपये में खरीदे। उनका कहना है कि नया होने पर इस एंटरप्राइज हार्डवेयर की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये थी।
AI मॉडल चलाने के लिए जोड़ा GPU सेटअप
राज ने बताया कि स्टोरेज सिस्टम के साथ उन्होंने दो कंप्यूटर टावर खरीदे और उनमें दो RTX 3090 ग्राफिक्स कार्ड लगाए। कुल 48GB VRAM वाले इस सेटअप पर वह Llama 3.3 70B जैसे बड़े AI मॉडल लोकली चला रहे हैं। इससे उन्हें क्लाउड सर्विस पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
अमेरिका की कंपनियों के लिए AI प्रोजेक्ट
राज का दावा है कि वह बेंगलुरु स्थित अपने फ्लैट से अमेरिका की 11 सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए AI मॉडल फाइन-ट्यूनिंग का काम करते हैं। उनका कहना है कि पूरे सेटअप का मासिक बिजली बिल करीब 5,000 रुपये आता है और क्लाउड कंप्यूटिंग की लागत लगभग समाप्त हो गई है।
उनके अनुसार, शुरुआती 3.5 लाख रुपये का निवेश केवल चार दिनों में वसूल हो गया।
दावों की पुष्टि नहीं
राज की आय, ग्राहकों और निवेश से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। हालांकि, AI उद्योग में यह माना जाता है कि यदि बड़े AI मॉडल लगातार चलाने हों, तो पर्याप्त उपयोग की स्थिति में अपना हार्डवेयर रखना कई मामलों में क्लाउड सेवाओं की तुलना में अधिक किफायती हो सकता है।
कैसे होती है सरकारी IT ई-ऑक्शन?
भारत में सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और कई बैंक समय-समय पर पुराने IT उपकरणों की ई-नीलामी करते हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से MSTC Limited के ई-ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है।
नीलामी में भाग लेने के लिए:
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है।
KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कर बोली लगानी होती है।
सफल बोलीदाता को निर्धारित प्रक्रिया के बाद उपकरण सौंप दिए जाते हैं।
दिसंबर 2025 में बेंगलुरु कस्टम्स ने भी MSTC पोर्टल के माध्यम से जब्त मोबाइल फोन, लैपटॉप, iPad और टीवी की ई-नीलामी कराई थी।
नोट: AI कारोबार से जुड़ी राज की आय, ग्राहकों और निवेश पर आधारित सभी आंकड़े उनके स्वयं के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
3.5 लाख का पुराना बैंक सर्वर बना करोड़ों की कमाई का जरिया…? बेंगलुरु के इंजीनियर ने बदली अपनी किस्मत..
