वॉशिंगटन डीसी. ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो देश इस संघर्ष में शामिल नहीं हो रहे हैं और ईंधन की कमी से परेशान हैं, उन्हें अब खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर अपना तेल लाना चाहिए। दूसरी ओर, युद्ध के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति यूरोपीय देशों और अपने मित्र राष्ट्रों से सैन्य सहयोग की अपील कर रहे हैं, लेकिन एक-एक कर ये देश ट्रंप प्रशासन को झटका दे रहे हैं। एक दिन पहले स्पेन ने ईरान युद्ध में शामिल अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था। अब इटली ने भी अमेरिका को करारा झटका देते हुए सिगोनेला एयर बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज स्ट्रेट से फ्यूल नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान काफी हद तक कमजोर हो चुका है और सबसे मुश्किल काम पहले ही पूरा हो गया है। अब बाकी देश खुद जाकर अपना तेल ले सकते हैं।
अमेरिका ने ईरान में हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात को किया गया। इसके लिए 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल हुआ।
फ्रांस पर नाराज हुए ट्रम्प, कहा- अमेरिका याद रखेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फ्रांस पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका के सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत नहीं दी। ये विमान इजराइल के लिए सैन्य सामान लेकर जा रहे थे।
ट्रम्प ने कहा कि आमतौर पर सहयोगी देश एक-दूसरे को ऐसी अनुमति दे देते हैं, लेकिन फ्रांस ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने इसे असहयोगी रवैया बताया और कहा कि अमेरिका इस बात को याद रखेगा।
ईरान युद्ध की मार, अमेरिका में पेट्रोल के दाम छू रहे आसमान
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। युद्ध के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका में गैसोलीन (पेट्रोल) की राष्ट्रीय औसत कीमत लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन के स्तर पर पहुंच गई है, जो 2022 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। मोटर क्लब AAA के मुताबिक, एक गैलन गैसोलीन की औसत कीमत अब करीब 4.02 डॉलर है। फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में यह एक डॉलर अधिक है। फरवरी के अंत से अब तक सामान्य गैसोलीन की औसत कीमत में करीब 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
दुनियाभर में इंटरनेट ठप होने का खतरा, होर्मुज में बिछीं केबल्स को नुकसान की आशंका
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से दुनियाभर में एनर्जी क्राइसिस के बाद अब इंटरनेट ठप होने का खतरा है। इसकी वजह यह है कि होर्मुज रूट से न केवल दुनिया का 20% कच्चा तेल और 25% LNG गुजरती है, बल्कि इस रास्ते के नीचे इंटरनेट केबल्स भी बिछीं हैं।
अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड स्लो हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह इलाका सिर्फ एनर्जी चोकपॉइंट नहीं, बल्कि एक डिजिटल चोकपॉइंट भी है।
