WAR : पश्चिम एशिया संकट पर ईरान की BRICS वाली शर्त ने बढ़ाई भारत की टेंशन, बहुत बड़ी दुविधा में डाल दिया

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट के सभी देशों के साथ भारत की डिप्लोमेटिक बातचीत जारी है। ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के दो सप्ताह बाद से भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने चौथी बार बात की, इसमें तेहरान ने बढ़ते संकट पर ब्रिक्स देशों से एकजुटता की मांग की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार रात ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत हुई थी।

वर्तमान में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, ईरान के इस बयान ने निश्चित तौर पर भारत की टेंशन बढ़ा दी है। क्योंकि मौजूदा संकट पर संयुक्त बयान जारी करना काफी चुनौतीपूर्ण है, ब्रिक्स के तीन सदस्य, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब सीधे तौर पर इस क्षेत्रीय तनाव से जुड़े हुए हैं।

जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री से भी की बात
बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के बीच हुई फोन पर बातचीत में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। ऐसा माना जाता है कि ब्रिक्स सदस्य देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और सभी के लिए स्वीकार्य बयान तैयार करने को लेकर प्रारंभिक स्तर पर बातचीत जारी है।

जहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की ओर से ईरान पर सैन्य हमलों की निंदा करना अपेक्षाकृत आसान था, वहीं ब्रिक्स के लिए साझा रुख तय करना अधिक संवेदनशील और जटिल प्रक्रिया है। इस साल के अंत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित होना प्रस्तावित है।

ईरान ने क्या कहा?
तेहरान की ओर से जारी फोन कॉल के विवरण के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जयशंकर को अमेरिका और इजराइल के कथित हमलों के बाद की ताजा स्थिति और उसके क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता पर प्रभाव की जानकारी दी। उन्होंने आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार का प्रयोग करने के ईरान के दृढ़ संकल्प पर भी बल दिया।

अराघची ने जयशंकर से अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठनों से देश के विरुद्ध सैन्य आक्रामकता की निंदा करने का आह्वान किया और वैश्विक स्थिरता में ब्रिक्स देशों के महत्व पर जोर दिया। जयशंकर ने भी गुरुवार रात हुई इस बातचीत की पुष्टि की। जयशंकर ने कहा, ‘कल रात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से एक और बातचीत हुई। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।’

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात
वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और आम लोगों की जान जाने के साथ-साथ असैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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