Trump ने रक्षामंत्री के कहने पर ईरान पर हमला किया, ईरान को एटमी हथियार बनाने से रोकना था

वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 25वां दिन हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कहने पर ईरान पर हमला का आदेश दिया था।
अल जजीरा के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि हेगसेथ सबसे पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समर्थन में सबसे पहले आगे आए थे। हेगसेथ का मानना था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी है, इसलिए कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि ट्रम्प सरकार के अंदर भी इस मुद्दे पर पूरी सहमति नहीं है। ट्रम्प ने माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस फैसले से पूरी तरह खुश नहीं थे, लेकिन उन्होंने खुलकर विरोध भी नहीं किया। वहीं पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसेना ताकत खत्म करना है। लेकिन यह युद्ध कब खत्म होगा, इस बारे में उन्होंने कुछ साफ नहीं कहा।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत के बाद 15 मुद्दों पर सहमति बनी है। इन मुद्दों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट पर हमले 5 दिन के लिए टाल दिए, जबकि इससे पहले होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की चेतावनी दी थी।
ईरान बोला- पावर प्लांट पर हमला हुआ तो जल्दी ठीक कर देंगे
ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीआबादी ने कहा है कि अगर देश के पावर प्लांट्स पर हमला भी होता है, तो लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी बिजली बनाने का सिस्टम अलग-अलग जगहों पर फैला रखा है, इसलिए किसी एक जगह पर हमला होने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगर कोई बिजली घर खराब होता है, तो उसे जल्दी ठीक कर लिया जाएगा और पहले से बेहतर बनाया जाएगा।
हिजबुल्लाह ने इजराइल के 5 ठिकानों पर हमला किया
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने मंगलवार सुबह इजराइल के 5 ठिकानों पर हमला किया। समूह के मुताबिक, उन्होंने सैनिकों के ठिकानों, एक छावनी, रडार और तोपखाने की जगहों को निशाना बनाया। इधर, लेबनान की राजधानी बेरूत में सोमवार रात के दौरान दो अलग-अलग हमले हुए, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

Exit mobile version