Iran War : होर्मुज खोलने पर ईरान का सस्पेंस, सीजफायर की शर्तों पर बोला- ‘जवाब तैयार है, समय पर देंगे’

नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट अब उसके नियंत्रण में एक रणनीतिक हथियार बन चुका है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 15 जहाजों को उसकी अनुमति के बाद स्ट्रेट से गुजरने दिया गया. यह कदम ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोल दे. ईरान ने हालांकि साफ कर दिया है कि यह रास्ता अब पहले जैसा ‘नॉर्मल’ नहीं रहेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए.
डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ‘पूरा देश तबाह कर सकता है.’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पावर प्लांट और ब्रिज जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है. ट्रंप ने पहले दी गई समयसीमा को बढ़ाते हुए मंगलवार शाम तक का नया अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास ‘डील करने के लिए पर्याप्त समय’ है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो नतीजे गंभीर होंगे.
ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
ईरान ने इन धमकियों को खारिज करते हुए पलटवार की चेतावनी दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने कहा कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है, तो जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर भी अमेरिका को घेरने की कोशिश की है. कई देशों में स्थित ईरानी दूतावासों ने ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में ईरान द्वारा ‘चुनिंदा जहाजों’ को अनुमति देना इस बात का संकेत है कि वह इस रूट को दबाव बनाने के औजार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
ईरान ने लगाया अमेरिका पर गंभीर आरोप- ‘पायलट छुड़ाने नहीं यूरेनियम चुराने आए थे’
ईरान के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि अमेरिका द्वारा गिराए गए पायलट को बचाने का ऑपरेशन शायद असली मकसद को छिपाने के लिए था. प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि इस रेस्क्यू मिशन को कवर के तौर पर इस्तेमाल किया गया हो सकता है, ताकि ईरान का समृद्ध यूरेनियम चोरी किया जा सके. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को लेकर कई सवाल हैं, खासकर इस बात पर कि अमेरिकी बल जिस जगह उतरे, वह उस स्थान से अलग था जहां पायलट के होने का दावा किया गया था. हालांकि अभी तक इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में संदेह भी जताया गया है.
अमेरिका के प्रस्ताव पर तैयार ईरान का जवाब
अमेरिका-ईरान युद्ध: ईरान ने कहा है कि उसने सीजफायर प्रस्तावों के जवाब में अपनी शर्तें और मांगें तय कर ली हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि बातचीत धमकी या युद्ध अपराध जैसे दबावों के साथ नहीं हो सकती. उन्होंने बताया कि ईरान ने अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं, जिन्हें मध्यस्थों के जरिए पहले ही पहुंचाया जा चुका है. साथ ही अमेरिका की पहले की कुछ मांगों, जैसे 15-पॉइंट प्लान को बहुत ज्यादा बताते हुए खारिज कर दिया गया है. बघाई ने कहा कि ईरान अपनी वैध मांगों को साफ तौर पर रखने में हिचकता नहीं है और इसे कमजोरी या समझौते की इच्छा नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह उसके आत्मविश्वास को दिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपना जवाब तैयार कर लिया है और सही समय आने पर इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी.
ईरान का साफ इनकार, सीजफायर के बदले रास्ता नहीं खुलेगा
ईरान युद्ध लाइव अपडेट्स: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अस्थायी सीजफायर के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलेगा. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान को अमेरिका की स्थायी शांति के लिए गंभीरता पर भरोसा नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से तत्काल सीजफायर का प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है. ईरान ने दोहराया कि वह किसी दबाव या डेडलाइन के तहत फैसला नहीं करेगा. इस रुख से साफ है कि क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है.





