चीन ने वापस लौटाया भारत का चावल, चीन GMO विवाद गहराया, TREACG ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की

नई दिल्ली।चीन में भारतीय चावल के शिपमेंट में GMO (जेनेटिकली मॉडिफाइड) पाए जाने के खबरें सामने आई है। जिसके कारण कई खेपों को चीनी बंदरगाहों पर रोका गया है या अस्वीकार किया गया। इससे भारतीय निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। द राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ (TREACG) ने ने मामले पर गंभीर चिंता जाहिर की है।

भारत का पक्षः सिर्फ NON-GMO चावल

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने 23 अप्रैल 2026 को को स्टेटमेंट जारी किया। स्टेटमेंट के अनुसार भारत में व्यावसायिक खेती के लिए GMO चावल को मंजूरी नहीं है। ICAR के अंतर्गत किसी भी चावल कार्यक्रम में GMO पर कोई शोध कार्य नहीं किया जा रहा है। भारत से निर्यात होने वाला सभी चावल वैरायटी पूरी तरह से NON GMO है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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