Plane Crash: विमान हादसे में अजित पवार का निधन, क्रैश लैंडिंग में गई जान

बारामती। महाराष्ट्र के बारामती में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे का शिकार हो गया। लैंडिंग के वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। जिसमें डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है। अजित पवार जिला परिषद चुनावों को लेकर आज (बुधवार) बारामती  आ रहे थे। घटनास्थल से वीडियो भी सामने आया है। जो कि काफी डरावनी है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ मौजूद हैं। विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर प्लेन बारामती में सुबह 8.45 बजे क्रैश लैंड हुआ। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने घटना को लेकर बताया कि बारामती क्रैश लैंडिंग  में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, 2 और लोगों (1 पीएसओ और 1 अटेंडेंट) और 2 क्रू (PIC+FO) सदस्यों के साथ विमान में सवार थे। विमान में सवार कोई भी व्यक्ति इस दुर्घटना में जीवित नहीं बचा।

हादसे पर चश्मदीद ने क्या बताया?
क्रैश लैंडिंग के दौरान मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने कहा, ‘मैंने यह अपनी आंखों से देखा। यह सच में बहुत दुखद है। जब विमान नीचे आ रहा था, तो ऐसा लगा कि यह क्रैश हो जाएगा और यह क्रैश हो गया। फिर इसमें धमाका हुआ। बहुत बड़ा धमाका हुआ। उसके बाद, हम यहां भागे और देखा कि विमान में आग लगी हुई थी। विमान में फिर से 4-5 धमाके हुए और लोग यहां आए, उन्होंने लोगों को (विमान से) बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन क्योंकि यह बहुत बड़ी आग थी, इसलिए लोग मदद नहीं कर पाए। अजित पवार विमान में सवार थे और यह हमारे लिए बहुत दुखद है। मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता।’

एक दिन पहले कैबिनेट बैठक में लिया था हिस्सा
बता दें कि अजित पवार मंगलवार को मुंबई में थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट की अवसंरचना समिति की बैठक में भाग लिया था। अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे, जिन्होंने लगातार छह बार यह पद संभाला। 1982 में अजित पवार ने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड में चुने जाने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए।
वे पहली बार 1991 में बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए और बाद में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी। वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने पहली बार 1991 के उपचुनाव में जीत हासिल की और उसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी जीत दर्ज की।नवंबर 2019 में उन्होंने एनसीपी के एक धड़े के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने।

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