खंडवा। खंडवा के भंडारिया गांव में सिंचाई के हिसाब से सालों पहले आबना नदी पर स्टॉप डैम बनाया गया था। यह अब क्षतिग्रस्त होने की कगार पर आ गया। ऊंचाई कम होने से गर्मी के समय पानी भी नहीं रहता। आरईएस विभाग ने इस काम के लिए 55 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए। बगैर टेंडर के यह काम विधायक के करीबी को दे दिया, जिसने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा विधायक कंचन तनवे के करीबी ठेकेदार बलदेवसिंह मौर्य ने इस काम पर बमुश्किल 2-3 लाख रुपए खर्च किए होंगे।
पथरीले रास्तों पर नहाल्दा ग्राम पंचायत के भंडारिया गांव स्थित आबना नदी पर करीब 40 साल पुराना स्टॉप डैम बना हुआ है। कुछ समय पहले ही यहां सुधार कार्य किया गया था,। लेकिन, डैम पूरी तरह लीकेज हो रहा है। पत्थर की दीवार के नीचे से पानी बहकर निचले इलाके की तरफ बह रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां सिर्फ दो ट्रॉली मटेरियल और 20 बोरी सीमेंट में पूरा काम कर दिया गया है, जबकि मेंटेनेंस के लिए आरईएस विभाग ने 55 लाख 38 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की थी। मौके पर देखा तो पता चला कि ठेकेदार ने 1% काम भी नहीं किया।
डीपीआर के मुताबिक, पुरानी पत्थर से निर्मित पाल को 8 एमएम सरिया से कवर्ड करना था। इसके बाद सीमेंट-कंक्रीट का मटेरियल लगना था। वहीं, करीब डेढ़ फीट की हाइट भी बढ़ाना थी। लेकिन, ठेकेदार ने मर्जी के मुताबिक काम किया। 6 एमएम सरिया लगाया, वो भी सिर्फ ऊपरी सतह पर। 4 इंच मटेरियल की परत चढ़ा दी, वो भी बारिश में बह गया। सरिया बाहर दिख रहा है। लीकेज इतने हैं कि 7 हॉर्स पावर की मोटर जितना पानी निचले स्तर की ओर बह रहा है।
सरपंच बोले- पूरा काम आरईएस और ठेकेदार ने किया
नहाल्दा सरपंच अजय ठाकुर का कहना है कि ग्राम पंचायत के पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। भंडारिया में आबना नदी पर चेकअप जीर्णोद्धार का काम आरईएस विभाग ने किसी ठेकेदार से कराया है। हमें सिर्फ इतना पता है कि यह काम मनरेगा के तहत हुआ है। वहीं, मनरेगा के कामों में टेंडर नहीं होता है। निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत या फिर आरईएस विभाग होता है। किस आधार पर ठेकेदार से काम कराया गया, यह हमें भी मालूम नहीं है।
एसडीओ बोले- काम छीन लिया, भुगतान नहीं किया
आरईएस विभाग के एसडीओ अरविंद पाटीदार का कहना है कि भंडारिया स्टापडैम पर गुणवत्ताहीन काम हुआ है। यह बात हम स्वीकार करते है। इस बारे में कलेक्टर साहब को अवगत करा दिया है। उन्होंने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति देखी और कहा कि काम बंद करवा दो। हमने ठेकेदार से उसी समय कह दिया था कि काम बंद कर देना। लेकिन वो काम चलाता रहा, विभाग की तरफ से उसे एक रूपए का भुगतान नहीं किया गया हैं।
ईई ने कहा- हमसे मत पूछो, ये गोपनीय मामला
आरईएस विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) सुनिल बडोदे के मुताबिक, पूरा मामला कलेक्टर साहब के संज्ञान में है। इस बारे में मैं कुछ नहीं कहूंगा। ये विभाग का गोपनीय मामला है।
