Bhopal:  कोलार रोड पर पेड़ काटने पर NGT की आपत्ति, सिक्सलेन निर्माण में 4105 पेड़ काटे, 2 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

भोपाल। कोलार सिक्सलेन के निर्माण में कुल 4105 पेड़ों की कटाई का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पहुंचा है। एनजीटी ने पेड़ काटने पर आपत्ति ली है और अगले 2 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। 10 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

पेड़ काटे जाने के मामले में एनजीटी में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि हॉर्टिकल्चर अस्सिटेंट कमिश्नर द्वारा दी गई अनुमति अवैध है। इस पर भोपाल नगर निगम के अफसरों ने कहा कि आदेश ट्री ऑफिसर ने ही दिया था। असिस्टेंट कमिश्नर ने केवल संप्रेषण किया, लेकिन कोई स्पष्ट आदेश या सोच-विचार का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

याचिकाकर्ता का तर्क था कि इन पेड़ों के लिए कोई अवैध अनुमति का रिकॉर्ड भी नहीं है। दूसरी ओर, PWD ने स्वीकार किया कि निर्माण पूरा हो चुका है। यानी, पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं।

दो सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा
सभी पहलुओं को सुनने के बाद एनजीटी ने सभी संबंधित विभाग को दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जिसमें ट्री ऑफिसर की अनुमति की प्रति, प्रतिपूरक पौधारोपण के लिए जमा राशि, किए गए पौधारोपण की संख्या और बचे पेड़ों की संख्या शामिल हैं।

NGT के पूर्व आदेश का उल्लंघन
इस मामले में एनजीटी ने 9 जनवरी-25 को कानूनी प्रक्रिया के बिना पेड़ न काटने के निर्देश दिए थे। एनजीटी ने साफ कहा है कि क्या इस आदेश का उल्लंघन हुआ है? कितने पेड़ कटे हैं?

305 करोड़ रुपए में बना है सिक्सलेन
भोपाल में 305 करोड़ रुपए से कोलार सिक्सलेन बना है। करीब 14.2 किमी लंबा सिक्सलेन है। इससे बड़ी आबादी को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिली है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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