भोपाल। राजधानी में डॉक्टर का शव फंदे पर लटका मिला। दूसरे कमरे में बेटी की बॉडी बेड पर मिली है। पुलिस का अनुमान है कि बेटी को जहर देकर मारने के बाद पिता ने सुसाइड किया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घटना गोविंदपुरा के शक्ति नगर की है। पुलिस को घटनास्थल से बुजुर्ग डॉक्टर का मोबाइल मिला है। बुजुर्ग ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है- बेटी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। मैं स्वयं कई बीमारियों का शिकार हूं। मुझे भी सेवा की जरूरत है। लेकिन बेटी की देख रेख भी मुझे ही करनी होती है। अब यह सब सहा नहीं जाता। थक गया हूं…इसी कारण मर्जी से जान दे रहा हूं।
टीआई अवधेश सिंह तोमर ने बताया, 82 साल के हरिकिशन शर्मा शक्ति नगर में रहते थे। उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। 36 साल की बेटी चित्रा शर्मा उन्हीं के साथ रहती थी। बेटी होम्योपैथिक डॉक्टर है। मां की मौत के बाद करीब चार चाल से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि बेटी और पिता ने आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंचे तो पिता का शव रस्सी से बने फंदे पर उनके कमरे में लटका मिला। बेटी का शव बेडरूम में बिस्तर पर था।
घर में होम्योपैथिक डिस्पेंसरी चलाते थे बुजुर्ग
टीआई अवधेश सिंह तोमर ने बताया, हरिकिशन भेल से रिटायर्ड हो चुके थे। इसमें वह लोगों का होम्योपैथिक इलाज करते थे। हरिकिशन की पत्नी और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। इसी के बाद से वह भी तनाव में रहते थे। बीमार बेटी की देखरेख भी वही करते थे। घर में ही डिस्पेंसरी चलाते थे। जहां उन्होंने फांसी लगाई, वहां से बड़ी मात्रा में दवाएं मिली हैं। जिसे वह लोगों को दिया करते थे।
हरिकिशन ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई, जिसमें लिखा…
मैं जिंदा दिल व्यक्ति हूं…किसी पर बोझ बनकर नहीं रहना चाहता। उम्र अधिक हो चुकी है। यह भी नहीं चाहता की मेरी मौत के बाद बेटी किसी पर बोझ रहे। लिहाजा जान देना ही आखिरी विकल्प बचा है। एम्स में देहदान के लिए प्रक्रिया पूरी कर चुका हूं। मौत के बाद बॉडी एम्स के सुपुर्द कर दी जाए, जिससे आने वाली पीढ़ी के डॉक्टर कुछ सीख सकें। मानव अंगों के बारे में समझ सके।
