भोपाल। चुनावी आपाधापी खत्म होने के बाद अब सरकार वर्किंग मोड में है। मुख्यमंत्री कार्यालय यानी सीएमओ को और पॉवरफुल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ की तर्ज पर अफसरों की पोस्टिंग की जा रही है। सीएमओ में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने अपने नौ रत्नों की तैनाती की है। इन अफसरों के पास कलेक्टरी के जमीनी अनुभव के साथ देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का अनुभव है।
मोहन के नौ रत्न हेल्थ, इंजीनियरिंग, कॉमर्स, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, राजनीति और साहित्य जैसे विषयों में भी पारंगत हैं। खास यह भी है कि अब सीएमओ में पहली बार एसीएस रैंक के अफसर यानी डॉ.राजेश राजौरा को तैनात किया गया है। इसके साथ मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने अपनी टीम में दो प्रमुख सचिव और एक सचिव को रखा है। उनकी टीम में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस राजेश हिंगणकर भी हैं।
डॉ.राजेश राजौरा
1990 बैच के आईएएस डॉ.राजेश राजौरा एमबीबीएस हैं। उनकी गिनती मेहनती, तेजतर्रार और अनुभवी अफसरों में होती है। राजौरा जितने प्रशासनिक रुप से दक्ष माने जाते हैं उतनी ही दक्षता राजनीतिक निर्णयों में दिखाई देती है।ये प्रदेश में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इनके कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहते हुए प्रदेश को छह कृषि कर्मण अवॉर्ड मिले हैं। राजौरा के पास अभी जल संसाधन और एनवीडीए की जिम्मेदारी है। इससे पहले वे गृह, उद्योग, उद्यानिकी और परिवहन में अपनी काबिलियत का लौहा मनवा चुके हैं।
2. संजय शुक्ला
शुक्ला 1994 बैच के आईएएस हैं। मैकेनिकल से इंजीनियरिंग की है। इनकी वर्किंग स्टाइल सबसे अलहदा मानी जाती है। तेजतर्रार अफसरों में गिनती होती है। अभी शुक्ला के पास महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी भी है। इनके पास उद्योग विभाग, बिजली, पीएचई, नगरीय प्रशासन सहित अनेक विभागों में काम करने का लंबा अनुभव है। भोपाल के मुखिया यानी कलेक्टर भी रह चुके हैं।
3.राघवेंद्र सिंह
देश के नामी संस्थानों से बीई, एमटेक और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल करने वाले राघवेंद्र सिंह 1997 बैच के आईएएस हैं। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले अपना प्रमुख सचिव बनाया था। अभी इनके पास उद्योग व लोकसेवा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी है। राघवेंद्र सरल और सहज छवि के अफसर माने जाते हैं। ये बिजली कंपनी और वाणिज्यिकर में काम कर चुके हैं। साथ ही उच्च शिक्षा, खनन जैसे विभागों में काम किया है।
4. संदीप यादव
2000 बैच के आईएएस संदीप यादव जनसंपर्क और एमडी, मध्यप्रदेश माध्यम हैं। वे इससे पहले उज्जैन संभाग कमिश्नर रह चुके हैं। यादव की छवि शां?त एवं सौम्य अफसरों में होती है। वे अपनी वर्किंग स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। मैदानी पदस्थानपना के दौरान यादव ने कई इनोवेशन किए हैं। संदीप की टीम लीडर शीप देखते हुए मोहन यादव ने सीएम बनते ही इन्हें अपनी टीम में शामिल किया।
5. भरत यादव
2008 बैच के आईएएस भरत यादव ने एमए किया है। खास बात यह है कि भरत रेलवे के टीटी की नौकरी छोडक़र आइएएस बने थे। उनके नाम लंबे समय तक कलेक्टर रहने का रिकॉर्ड है। अपनी मेहनत के लिए जाने जाते हैं। भरत यादव प्रशासनिक क्षमता में जितने कुशल माने जाते हैं उतनी ही राजनीतिक दुरदृृष्टी भी रखते हैं। मधुरभाषी होने के साथ शांत स्वभाव के होने के कारण इनसे लोगों की टयूनिंग जल्दी जम जाती है। लोकसभा चुनाव से पहले भरत की सीएमओ में तैनाती की गई थी। वे नगरीय प्रशासन आयुक्त की भी हैं। इससे पहले मुरैना, ग्वालियर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और जबलपुर में कलेक्टर रह चुके हैं। हाउसिंग बोर्ड एमडी के बाद वे नगरीय प्रशासन में आयुक्त बने।
6. राजेश हिंगणकर
राजेश हिंगणकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के ओएसडी हैं। वे 2006 बैच के आईपीएस हैं। उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है। सीएमओ से पहले वे इंदौर में एडिशनल सीपी थे। इससे पहले वे इंदौर में ही सीएसपी, एडिशनल एसपी और एटीएस एसपी भी रह चुके हैं। वे नक्सलाइड एरिया बस्तर और सतना सहित प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 15 एनकाउंटर कर चुके हैं।
7. अविनाश लवानिया
2009 बैच के आईएएस अविनाश लवानिया बीटेक, एमटेक (आइआइटी) कर चुके हैं। वे अभी अपर सचिव हैं। लवानिया भोपाल और उज्जैन जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम के प्रबंध संचालक भी हैं। उनकी छवि कुशल प्रशासक के रूप में है।
8. रोशन कुमार सिंह
बिहार में जन्मे रोशन कुमार सिंह 2015 बैच के आईएएस हैं। सीएम की कोर टीम में रोशन सबसे यंग अफसर हैं, अभी उनके पास संचालक, जनसंपर्क विभाग का जिम्मा है। इससे पहले उज्जैन नगर निगम आयुक्त रह चुके हैं। वे मुरैना और खंडवा में जिला पंचायत सीईओ भी रह चुके हैं। भोपाल स्मार्ट सिटी में भी वे पदस्थ रहे हैं। लिहाजा, वे जमीनी काम काज को भी बखूबी समझते हैं। रोशन अपनी साफगोई के लिए पहचाने जाते हैं।
9. समीर यादव
2002 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी समीर यादव के पास मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की सुरक्षा का जिम्मा है। वे इससे पहले विदिशा में एएसपी रह चुके हैं। मृदुभाषी यादव कभी विवादों में नहीं रहे। विदिशा में पदस्थापना के दौरान भी उनका कार्यकाल अच्छा रहा है।
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