MP: मुख्यमंत्री निवास पर हो गई नारेबाजी…सीएम से मिलने पहुंचे आम जन हुए परेशान, अफसरों को लगाई फटकार

भोपाल। मुख्यमंत्री निवास में सीएम जनसंवाद छह जनवरी से शुरु होने की खबर मिली, तो सोमवार को प्रदेशभर से सैकड़ों नागरिक सीएम हाउस में सुबह आठ बजे से पहुंच गये, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिला, तो बारह बजे तक ये सीएम हाउस के बाहर परेशान होते रहे। इन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी। जब ज्यादा हो गई, तो लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिली, तो सीएम ने अधिकारियों की क्लास लगा दी। मुख्यमंत्री के सचिव भरत यादव ने वहां जाकर मोर्चा सम्हाला।
जानकारी के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में वष्ठि अफसरों की लापरवाही पर सीएम डॉ. मोहन यादव भारी नाराज हुए हैं। सीएम ने अफसरों की वन टू वन बैठक बुलाकर इस घटनाक्रम पर उनको तलब किया। आने वाली प्रशासनिक सर्जरी में ऐसे गैर जिम्मेदार अफसरों को बदला भी जा सकता है। सीएम को जब इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उनके निर्देश पर सीएम हाउस पहुंचे 321 लोगों के आवेदन सीएम सचिवालय ने एकत्रित किए और इन सभी का निराकरण अब अफसर कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जनसंवाद की शुरुआत छह जनवरी से करने का ऐलान किया तो लोगों को एक उम्मीद जागी। इसके चलते सोमवार को प्रदेशभर अनेक नागरिक सीएम से मुलाकात कर अपनी समस्या सुलझाने के लिए सीएम हाउस आ पहुंचे थे। सुबह आठ बजे से सीएम से मिलने के लिए पहुंचे इन नागरिकों ने 12 बजे तक इंतजार किया लेकिन सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई। इस पर कई लोग नाराज हो गए। गेट पर खड़े-खड़े परेशान हो चुके थे। इन लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कई लोग तो वापस ही चले गए।
सूचना मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच गई। इस पर उन्होंने कई अफसरों को फटकार लगाई। साथ ही सचिव भरत यादव को सीएम हाउस भेजा और उन्होंने लोगों को समझाइश दी। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों के आवेदन एकत्रित कर लिए गए। मुख्यमंत्री निवास पर आने वाले आमजनों से कुल 321 आवेदन मिले थे। इनमें से राज्य स्तर के 70, जिला स्तर के 246, मुख्यमंत्री कार्यालय के पांच, हेल्थ चैकअप के दस लोगों के आवेदन सीएम सचिवालय ने लिए। दस लोगोंं को दवाएं भी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम से नाराज सीएम ने अफसरों को तलब कर उनसे वन टू वन चर्चा की । सीएम डॉ मोहन यादव ने सीएम सचिवालय के अफसरों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई के लिए आने वाले प्रत्येक आवेदन का निराकरण किया जाए। सीएम जनसंवाद में अब मुख्यमंत्री उपस्थित रहे या न रहे इसमें समस्याओं के निराकरण के लिए आने वाले हर नागरिक के आवेदनों का निराकरण होगा। सीएम सचिवालय इसकी मानीटरिंग करेगा और इसके लिए एक पोर्टल भी तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल पर सीएम से मुलाकात के इच्छुक आमजन को भोपाल बुलाया जाएगा।
जानकारी मिली है कि प्रदेश में जो नियमित जनसुनवाई की व्यवस्था विभिन्न अधिकारियों के स्तर पर है उस व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सीएम कार्यालय इसकी मॉनीटरिंग करेगा। सुशासन के अंतर्गत अधिक से अधिक नागरिकों का कल्याण करने के निर्देश सीएम ने अफसरों को दिरए है। इसके अलावा प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सीएम भ्रमण करते है वहां भी नागरिकों से भेंट करते है वहां मिलने वाले आवेदनों को भी इस मानीटरिंग में शामिल किया जाएगा।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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