देवास।देवास जिले में छात्रावास मरम्मत कार्य में करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस मामले में, लोकायुक्त ने 58 लोगों पर FIR दर्ज की है।
असल में लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन संभाग को देवास जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई थी। पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा द्वारा इस मामले की जांच शुरू की गई। शिकायत के अनुसार, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों में मरम्मत कार्य के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
जांच के दौरान उप पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार तालान द्वारा यह पाया गया कि राज्य शासन से प्राप्त राशि का छात्रावासों में मरम्मत कार्य के लिए उपयोग होना था, परंतु देवास जिले के प्रभारी अधिकारी विवेक नागवंशी ने ठेकेदार राजेन्द्र दुबे को लगभग संपूर्ण राशि का अग्रिम भुगतान करा दिया। ठेकेदार ने अधूरे और निम्न गुणवत्ता वाले कार्य किए, जिससे शासन को वित्तीय नुकसान हुआ।
मरम्मत कार्य के लिए देवास जिले को कुल 3,28,81,808/- रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ था। विवेक नागवंशी ने अपने सहयोगियों प्रकाश चौहान, हेमंत चौहान और अन्य छात्रावास अधीक्षकों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए ठेकेदार को भुगतान करा दिया और कार्य पूर्ण नहीं कराया।
विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा की गई जांच में आरोपियों की सूची में शामिल हैं: विवेक नागवंशी, तत्कालीन जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग देवास; राजेन्द्र दुबे, ठेकेदार; हेमंत चौहान, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आदिम जाति कल्याण विभाग देवास; प्रकाश चौहान, छात्रावास अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी, आदिम जाति कल्याण विभाग देवास; श्रीमती प्रवीणा ठाकुर, अधीक्षक, अ.जा. कन्या छात्रावास क्र. 2 देवास सहित कुल 58 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
