MP Ladli behna Yojna: इस बार दस तारीख़ को नहीं मिली किस्त, 16 अप्रैल को राशि ट्रांसफर होने की सूचना, कांग्रेस ने कहा- नीयत बदली या कर्ज बढ़ा

भोपाल। लाड़ली बहना योजना’ की इस महीने की किस्त इस बार दस तारीख़ को नहीं मिली। तय तिथि गुजर जाने के बाद भी राशि न आने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। जानकारी मिली है कि सोलह तारीख़ को मुख्यमंत्री राशि खातों में ट्रांसफर करेंगे।
इस बार लाडली बहना योजना के पैसे में देरी क्यों हो रही है, इस बारे में कोई भी खुलकर बात नहीं कर रहा है। वित्त विभाग के अधिकारी और महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग के अधिकारी भी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। ज्यादातर वित्त अधिकारियों का यही कहना है कि ‘कोई जानकारी नहीं।’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा- ‘लाड़ली बहना योजना’ की किस्त को लेकर पहले बड़े-बड़े होर्डिंग देखने को मिलते थे, लिखा रहता था, “लाड़ली बहनों 10 तारीख आ रही है”। लेकिन, इस बार 10 तारीख को लाड़ली बहनों के खाते में पैसे ही नहीं आए। क्या कर्ज में कमी हो गई या सरकार की नीयत बदल गई?
वैसे भी एमपी बीजेपी विधानसभा में मुकर चुकी है कि ₹1250 की मासिक राशि को ₹3000 प्रतिमाह तक नहीं बढ़ाया जाएगा। डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में ही बताया कि अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटा दिए गए हैं।
वहीं 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम पहले ही पोर्टल से गायब हो चुके हैं। मैं फिर मांग करता हूं लाभार्थियों की आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करें, नए नाम जोड़ें और 60 वर्ष की सीमा को अब 65 वर्ष करें। वोट के लिए झूठ बोलने वाली बीजेपी ने लाड़लियों को धोखा दे रही है। तुरंत वादा निभाए, ₹3000 प्रतिमाह भुगतान करवाए।
मंत्री बोलीं- पैसे खातों में हर महीने हो रहे ट्रांसफर
पटवारी के बयान को लेकर भास्कर ने महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया से लाड़ली बहना योजना की किस्त न आने को लेकर पूछा तो उन्होंनें कहा- “लाडली बहना योजना की राशि हर महीने जा रही है। सभी के खातों में लाड़ली बहना की राशि डाली जाएगी। कोई किस्त नहीं रूकेगी।
दो साल में साढ़े 3 लाख लाड़ली बहना कम हुईं
विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सरकार द्वारा शुरू की गई लाड़ली बहना योजना को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठाता रहा है। लाड़ली बहना योजना की राशि न बढ़ने, नई हितग्राहियों को स्कीम से न जोड़ने और लाड़ली बहनों की संख्या लगातार कम होने को लेकर कांग्रेस मोहन सरकार को घेरती रही है।
विपक्ष के आरोपों के बीच चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई कि समग्र पोर्टल से लाड़ली बहनों के नाम डिलीट किए जा रहे हैं। साथ ही समग्र पोर्टल से आधार को डीलिंक किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लेकर ब्लॉक, स्थानीय निकाय और कलेक्टरों तक इसकी शिकायतें पहुंच रही हैं। दो कलेक्टर ने हाल ही में एमपी इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी को लेटर लिखकर इसकी जानकारी दी है। दो साल में साढ़े 3 लाख लाड़ली बहना कम हुई हैं।





