MP: मंच पर फूट-फूटकर रोए पूर्व नेता प्रतिपक्ष:भिंड के लहार में बोले-कांग्रेस कार्यकर्ता पर जुल्म हो रहे, कलेक्टर-एसपी को कहा बीजेपी एजेंट

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सीनियर लीडर डॉ. गोविंद सिंह मंच पर भावुक हो गए। वे फूट-फूटकर रोने लगे। गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे और फर्जी केस कर रहे हैं।

कांग्रेस ने शुक्रवार को भिंड जिले के लहार में भाजपा सरकार के विरोध में जंगी प्रदर्शन किया। डॉ. गोविंद सिंह ने मंच पर बैठे कांग्रेस नेताओं की तरफ देखकर रोते हुए कहा- आप लोग मेरी मदद भले ना करें, लेकिन जिन लोगों ने कांग्रेस पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया है, उन पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आप लोग उनकी मदद करें। गोविंद सिंह ने कांग्रेस नेता की एक फोटो भी दिखाई। उनका आरोप है कि पुलिस ने उसकी पिटाई की है।

डॉ. गोविंद सिंह ने कहा- लहार में अन्याय सिर्फ हमारे साथ ही नहीं, बल्कि आम जनता के साथ भी किया जा रहा है। हमें अपनी परवाह नहीं है, बल्कि कार्यकर्ता की चिंता है। उन्होंने मंच पर बैठे नेताओं से लहार क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

कलेक्टर-एसपी भाजपा के एजेंट बनकर काम कर रहे

डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि भिंड जिले के कलेक्टर और एसपी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे अपने पद की गरिमा को खोकर भाजपा के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। कलेक्टर ने जबरन गलत कार्रवाई करते हुए मेरे घर में जबरन 200-300 जवान घुसा दिए।
उन्होंने कहा- अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर अत्याचार होगा तो हम शांत नहीं होंगे। हमारे कार्यकर्ता पर अत्याचार होने पर इंकलाब का आगाज होगा।

मुझे धमकी भरा पत्र भेजा, कि अपनी नेतागिरी बंद करो

डॉ. गोविंद सिंह ने एक चिठ्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे एक धमकी भरा हुआ पत्र भेजा गया है कि अपनी नेतागिरी बंद कर दो, तुम्हारी मृत्यु नजदीक है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा- प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में मार्केटिंग के पूर्व अध्यक्ष राजाबाबू सेंगर और रौन में पूर्व सरपंच रमेश त्यागी का मकान तोड़ दिया। यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। उन्होंने लहार थाना प्रभारी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस थाना प्रभारी ने दतिया में थाना प्रभारी रहते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज कर उन पर जमकर सितम ढाया, उसको भिंड एसपी ने लहार थाना प्रभारी बना दिया। हमने कभी रेत की खदानों से रुपया नहीं खाया और न ही आज तक कभी दलाली की है।

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