MP: नर्मदापुरम में स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़, बच्ची को गोद में बिठाकर  वैन चला रहा था ड्राइवर

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में स्कूली वाहन चलाने में लापरवाही बरतने का एक मामला सामने आया है। जहां करीब एक दर्जन स्कूली विद्यार्थियों की जान खतरे में डालकर ड्राइवर छात्रा को गोद में बैठाकर वैन ड्राइव कर रहा था। जिसे परिवहन अधिकारी के जांच दल ने पकड़ा। दल ने ड्राइवर की गोद में बैठी बच्ची व वैन का वीडियो बनाया। जिसे आरटीओ के आधिकारिक ग्रुप में शनिवार को शेयर कर दिया। आरटीओ ने भी केवल वैन के ड्राइवर पर ओवरलोडिंग का केस बनाकर 1हजार रुपए का जुर्माना कर इतिश्री कर ली। लेकिन बच्ची को गोद में बैठाकर गाड़ी करने में हुए यातायात नियमों के उल्लघंन में कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि ड्राइवर वैन में बैठे अन्य बच्चों की जान से खिलवाड़ किया। इतना ही नहीं किसी भी बच्चें स्कूली छात्रा को गोद में बैठाना भी कानून रुप से गलत है।

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वैन क्रमांक एमपी 04 बीए 5205 को ड्राइवर एक बच्ची को अपनी गोद में बिठाए हुए हैं। बच्ची वाहन के स्टेयरिंग से चिपक कर बैठी है। यह यातायात के नियमों का उल्लंघन तो ही है साथ ही यह बच्चियों की सुरक्षा और निजता पर भी प्रश्न चिह्न है? आरटीओ के अमले ने इस मामले में वैन संचालक के खिलाफ ओवर लोडिंग का चालान काट दिया।

वैन में क्षमता से तीन गुना ज्यादा बच्चे थे

मामले में आरटीओ जांच दल का कहना है कि सेमरीहरचंद मंडी गेट पर जांच कर रहे थे, जिसमें इस वैन की चैकिंग की। वैन में करीब 12 बच्चें बैठे थे। एक बच्ची ड्राइवर की गोद में थी। वैन में पूछने पर बच्चाें ने कहा एक ही परिवार के बच्चें है। ड्राइवर उनका रिश्तेदार है। ओवरलोड वैन होने पर 1 हजार रुपए का चालान काटा गया। परिवहन के पास केवल चालान काटने का ही प्रावधान है। वैन में क्षमता से तीन गुने बच्चे भरें थे। आरटीओ निशा चौहान से मामले में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

ड्राइवर द्वारा बच्ची को गोद में बैठाना गलत

मामले में बाल कल्याण समिति की सदस्य सुमन सिंह का कहना है कि किसी भी स्थिति में बच्ची को गोद में नहीं बिठाया जा सकता है। यह एक तरह से आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। यातायात नियमों का उल्लघंन कर ड्राइवर ने सभी बच्चों की जान को भी खतरे में डाला है। बच्ची का वीडियो इस तरह का वीडियो वायरल करना भी गलत है। बाल कल्याण समिति इसमें वैधानिक क्या कार्रवाई कर सकते है, इस संबंध में समिति के अन्य सदस्यों से बात करूंगी।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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