भोपाल। एक साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर से जुड़े रिश्वतखोरी मामले में बुधवार आधी रात को SHO ऐशबाग जितेंद्र गढ़वाल, ASI मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और ASI पवन रघुवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई। ASI पवन रघुवंशी को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इसके बाद, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच ACP जहांगीराबाद सुरभि मीना से ACP हबीबगंज निहित उपाध्याय को सौंप दी। अब निहित उपाध्याय ही इस मामले की जांच करेंगे। इस मामले में अब तक पांच आरोपी हैं। और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है।
बीजेपी पार्षद का भी आया नाम
जांच के दौरान, टीकमगढ़ के एक पार्षद अंशुल जैन का नाम सामने आया, जिन्होंने कथित तौर पर मोईन खान की तरफ से 5 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। अंशुल शुरू में टीकमगढ़ के नगरपालिका चुनावों में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे, बाद में वे BJP में शामिल हो गए। उन्हें भी FIR में आरोपी बनाया गया है। इससे इस मामले में आरोपियों की कुल संख्या पांच हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि अगर रिश्वतखोरी की साजिश में और लोगों के शामिल होने का पता चलता है, तो और लोगों पर भी आरोप लग सकते हैं।
गिरफ्तार हो सकते हैं पुलिस अधिकारी
आरोपी पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1), और 13(2) और BNS की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसमें शामिल सभी पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
ASI के लापता होने की आशंका
हालांकि ASI पवन रघुवंशी को शुरुआत में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा किया गया या वे भाग गए, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
