MP: बीएड-डीएड कॉलेजों में नर्सिंग जैसा फर्जीवाड़ा,NSUI  ने MP बोर्ड को दिए सबूत, एक बिल्डिंग में चल रहे स्कूल,बीएड,डीएड और नर्सिंग कॉलेज

Bhopal। बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले के बाद अब बीएड-डीएड कॉलेजों का भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता फर्जी बीएड-डीएड कॉलेजों के फर्जीवाडे़ के दस्तावेज लेकर एमपी बोर्ड के ऑफिस पहुंचे और डिप्टी सेक्रेटरी पीएस चौहान को दस्तावेज देकर तत्काल कार्रवाई कराने की मांग की। एनएसयूआई भिंड के जिलाध्यक्ष अंकित तोमर ने बताया कि ग्वालियर, चंबल क्षेत्र में शिक्षा माफिया सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। कई ऐसे बीएड-डीएड कॉलेज हैं जिनके पते पर स्कूल, नर्सिंग कॉलेज और बीएड, डीएड कॉलेज एक ही बिल्डिंग में संचालित दिखाए गए हैं। कई बीएड, डीएड कॉलेज तो ऐसे हैं जिनके द्वारा दिए गए पते पर कोई कॉलेज संचालित ही नहीं हैं।

सीएलसी में होता है पूरा खेल
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने बताया कि बीएड,डीएड कॉलेजों के फर्जीवाडे का पूरा खेल सीएलसी यानि कॉलेज लेवल काउंसिलिंग में होता है। छात्रों को चॉइस फिलिंग के बाद कॉलेज आवंटित होता है तो कॉलेज फर्स्ट, सेकंड, थर्ड राउंड में स्टूडेंट्स को एक्सेप्ट कर एडमिशन नहीं देते। फिर सीएलसी राउंड में छात्रों से सौदेबाजी कर दूसरे राज्यों के छात्रों को मनमानी फीस लेकर एडमिशन दिया जाता है।

एनएसयूआई के मुताबिक एमपी में करीब 742 शिक्षा महाविद्यालय संचालित हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में ही करीब 519 कॉलेज सिर्फ डीएड, बीएड के हैं। कॉलेज लेवल काउंसलिंग में होने वाले फर्जी वाडे के बाद विभाग ने सीएलसी बंद कर दी। लेकिन अभी हाल ही में चौथे राउंड की काउंसिलिंग ओपन कर छात्रों को फर्जी कॉलेजों में एडमिशन दिए जा रहे हैं।

STF ने छह कॉलेजों पर दर्ज की है एफआईआर
बीएड, डीएड कॉलेजों के फर्जीवाडे के खिलाफ शिकायत करने पर एसटीएफ ने ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 6 कॉलेजों पर एफआईआर की है। ये सभी कॉलेज जमीन पर ना होकर सिर्फ कागजों में चल रहे थे। नर्सिंग कॉलेजों में ना तो कोई फैकल्टी है और ना ही कोई स्टाफ।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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