Madhya pradshs:  सूचना आयुक्त पर 40 हजार रुपए जुर्माना:हाईकोर्ट ने कहा-सरकारी एजेंट के रूप में काम ना करें

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सूचना आयुक्त पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि वह सरकार के एजेंट के रूप में काम न करें। साथ ही आवेदक को 2 लाख रुपए से ज्यादा की मांगी गई जानकारी मुफ्त देने के आदेश दिए हैं।
सूचना के अधिकार के तहत पशुपालन विभाग में पदस्थ अधिकारी आरके रोकड़े के बारे में जानकारी मांगी थी। संबंधित सूचना अधिकारी ने 30 दिन के अंदर चाही गई जानकारी नहीं दी।

बिना जांच अपील कर दी खारिज
इसके बाद फिल्ममेकर ने सूचना आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। यहां से बिना जांच के ही अपील खारिज कर दी गई। फैसले को अगस्त 2023 में हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई।

30 दिन में जानकारी देने का है नियम
नियम कहता है कि तीस दिन के अंदर आवेदक को जानकारी दे दी जाए, पर 31 वें दिन विभाग के तरफ से नीरज निगम को पत्र लिखकर बताया गया कि, आपके द्वारा चाही गई जानकारी व्यापक है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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