MP: Saurabh sharma की कंपनियों के सोर्स की जानकारी जुटा रहा लोकायुक्त, 30 से ज्यादा लोगों को notis

भोपाल। लोकायुक्त कार्यालय में रविवार को आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा से लंबी पूछताछ की गई। करीब सात घंटे चली इस पूछताछ में सौरभ से उसकी कंपनियों- अविरल इंटरप्राइजेज, अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी, अविरल फिशरीज और अविरल पेट्रोल पंप की आय के तमाम स्रोतों के बारे में जानकारी ली गई। लोकायुक्त ने 30 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजा है।

इन सभी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का डेटा भी लोकायुक्त के अधिकारी तैयार कर रहे हैं। लोकायुक्त की टीम तीन दिन पहले सौरभ के घर और ऑफिस से ऑडिट रिपोर्ट भी जब्त कर चुकी है, जिनकी जांच की जा रही है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने सौरभ से ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया और इसे तैयार करने वालों की जानकारी भी ली है। अलग-अलग कंपनियों के खातों की जानकारी भी सौरभ से हासिल की गई। छापे में सौरभ के घर और ऑफिस से मिली चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज दिखाकर उससे पूछताछ की गई।

अनुकंपा नियुक्ति के लिए झूठा शपथ पत्र
परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा द्वारा दिए गए झूठे शपथ पत्रों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अब विभाग को छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक जवाब का इंतजार है। जांच परिवहन विभाग की शिकायत शाखा को सौंपी गई थी। इसके बाद सौरभ और उमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।

सौरभ बोला- जिसके नाम संपत्ति, उसी से बात की जाए
शुरुआत से ही सौरभ केवल स्वयं के नाम दर्ज संपत्तियों के बारे में ही जानकारी दे रहा है। रिश्तेदारों और शरद जायसवाल या चेतन सिंह गौर के नाम पर दर्ज संपत्तियों के संबंध में उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

सौरभ का कहना है कि जिसकी संपत्ति का मामला है, उसी व्यक्ति से बात की जाए। उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। लोकायुक्त की जांच में यह भी साफ हो गया है कि सौरभ की सबसे पुरानी कंपनी अविरल इंटरप्राइजेज है। अन्य तीन कंपनियां साल 2020 से 2022 के बीच रजिस्टर्ड कराई गई हैं।
वहीं, रिमांड के पांचवें दिन चेतन और शरद से न के बराबर ही पूछताछ की गई। सौरभ से पूछताछ के दौरान दोनों को लोकायुक्त कार्यालय के अलग-अलग कमरों में रखा गया।

विदेश में कोई कारोबार या दुबई में संपत्ति नहीं
सौरभ ने पूछताछ में इस बात का भी खुलासा किया कि वह केवल एक ही बार दुबई के टूर पर गया है। वह पत्नी के साथ वीकेंड मनाने के इरादे से 15 दिन का टूर था। छापे की खबर मिलते ही 7वें दिन लौट आया था। उसके पासपोर्ट जब्ती की कार्रवाई भी कर दी गई है। सौरभ ने कहा- मेरा विदेश में कोई कारोबार नहीं है। दुबई में मेरी कोई संपत्ति नहीं है।

शरद-सौरभ के नाम इंदौर में चार संपत्ति
शरद के नाम पर इंदौर में चार महंगी संपत्तियां होने की बात भी लोकायुक्त जांच में सामने आई हैं। इनमें से दो संपत्तियों को कंपनी के नाम पर खरीदा गया है। हालांकि, सौरभ का कहना है कि चारों संपत्तियां शरद की हैं।
रविवार को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तीनों आरोपियों का मेडिकल चेकअप हमीदिया अस्पताल में कराया गया। लोकायुक्त कार्यालय में उन्हें नाश्ता, लंच और डिनर भी दिया गया।

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30 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए भेजा नोटिस


सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से पूछताछ में 50 से अधिक बेनामी प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है। इन संपत्तियों के नाम पर 30 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया गया है, जिनसे जल्द पूछताछ होगी।
छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और ऑफिस से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। इनमें से अधिकतर उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर थीं, लेकिन उनकी मूल रजिस्ट्रियां सौरभ के पास थीं। कई संपत्तियों की पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी किसी और के नाम कराई गई थी।4 फरवरी को सौरभ की रिमांड खत्म होने पर लोकायुक्त फिर रिमांड की मांग कर सकती है, क्योंकि पूछताछ में वह सहयोग नहीं कर रहा है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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