IFS: वन विभाग के अफसरों ने टाइगर रिजर्व के आसपास खरीदी जमीन, सतना डीएफओ के पास 17 करोड़ का एक प्लॉट…

भोपाल। आईएएस और आईपीएस के बाद आईएफएस अफसरों की संपत्ति का ब्योरा भी सामने आ गया है। प्रदेश में जंगल के राजा टाइगर के क्षेत्र का एरिया कंट्रोल करने वाले आईएफएस (इंडियन फॉरेस्ट सर्विस) अफसर प्रॉपर्टी के मामले में आईएएस और आईपीएस अफसरों से पीछे नहीं हैं।

आईएफएस अफसरों में सतना डीएफओ मयंक चांदीवाल टॉप पर हैं। इनके पास 17 करोड़ का एक प्लॉट इंदौर में है। वहीं सबसे अधिक प्रॉपर्टी वाले आईएफएस अफसरों में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन लाल मीना पहले स्थान पर हैं। इनके पास 13 प्रॉपर्टी हैं।
ये फैक्ट आईएफएस अफसरों द्वारा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दी गई जानकारी में सामने आए हैं। दिए गए ब्योरे में अफसरों ने बताया है कि उनके नाम किस तरह की प्रॉपर्टी है, कहां है और उसकी मौजूदा कीमत क्या है?
आईएफएस अफसरों ने देश और प्रदेश के बड़े शहरों में प्रॉपर्टी में निवेश करने के साथ छोटे शहरों में भी इन्वेस्ट किया है। इसमें टाइगर रिजर्व के आसपास के इलाके भी शामिल हैं। ऐसे शहरों में बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, खरगोन, खंडवा, महेश्वर जैसे शहर शामिल हैं। इन अफसरों ने यहां कृषि भूमि, प्लॉट और मकान खरीदा है और इसकी जानकारी अपने प्रॉपर्टी के ब्योरे में दी है। डीएफओ बैतूल विजयनान्थम टीआर सबसे अधिक प्रॉपर्टी वाले टॉप टेन आईएफएस में शामिल हैं। मधु वी राज वन संरक्षक छिंदवाड़ा ने चार में से सिर्फ एक प्रॉपर्टी की कीमत बताई है जो 14 करोड़ रुपए की है।

कई पावरफुल आईएफएस के पास एक करोड़ से कम प्रॉपर्टी आईएफएस अफसरों के प्रॉपर्टी के ब्यौरे की पड़ताल में सामने आया है कि कई अफसरों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपए से कम बताई है। ऐसे अफसरों में एचएस मोहंता, डॉ. समीता राजौरा, देव प्रसाद जे, रमेश चंद्र विश्वकर्मा, प्रशांत कुमार सिंह जैसे अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बसवराज अन्नेगिरी, बासु कनौजिया जैसे चर्चित आईएफएस ने प्रॉपर्टी नहीं होने की जानकारी दी है।

187 में से 58 ने बताई निल प्रॉपर्टी

वन विभाग के 187 आईएफएस अफसरों ने अपनी प्रॉपर्टी का ब्योरा ऑनलाइन किया है। इसमें से 58 अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी निल बताई है। इसमें वाइल्ड लाइफ चीफ शुभरंजन सेन जैसे अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण पदों पर रहे कई अधिकारियों ने भी अपनी संपत्ति कुछ नहीं होना कहा है। वहीं कई अधिकारियों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपए से कम भी बताई है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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