गुना। गुना कलेक्टर के बेटे के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। उन्हें रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के लिए वेब लिंक भेजी गई। इसे खोला तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का हूबहू पेज खुला। इसके तीन वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजे गए। इन्हें एंटर करते ही अकाउंट से 3 बार में 2.08 लाख रुपए कट गए। मामला 3 मई का है। उन्होंने सोमवार (10 जून) देर रात कैंट थाने में एफआईआर कराई है।
कलेक्टर सतेंद्र सिंह के बेटे प्रेमांशु ने शिकायत में बताया कि 3 मई को एक मोबाइल नंबर से एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने के संबंध में एक वेबलिंक आया। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद ओटीपी आया। इसे उन्होंने वेब लिंक के पेज पर सबमिट किया तो 50 हजार रुपए कट गए।
प्रेमांशु के मुताबिक, इसके बाद उन्हें कॉल आया। बात करने वाले खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का एक्जीक्यूटिव बताया। उसने कहा कि गलत ओटीपी एंटर करने की वजह से पॉइंट रिडीम करने में समस्या आ रही है। दो अन्य ओटीपी उनके मोबाइल पर भेजे। उन्होंने ये ओटीपी भी सबमिट किए तो अकाउंट से दो बार में 98.5 हजार और 60 हजार रुपये कट गए।
उन्होंने 2 घंटे के अंदर ही एसबीआई कस्टमर केयर पर फ्रॉड की कम्पलेंट दर्ज कराई। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल गवर्नमेंट ऑफ इंडिया पर भी कम्पलेंट दर्ज करवा दी। प्रेमाशुं ने इंजीनियरिंग की हुई है।
क्या होता है रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम?
रिवॉर्ड पॉइंट का इस्तेमाल आपको क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए होता है। एक बार जब आप एक तय अंक जमा करते हैं, तो आपको इनाम या कुछ लाभ दिए जाते हैं। इसे ही भुनाना (रिडीम) होता है। ये लाभ अक्सर छूट या कैशबैक के रूप में होते हैं।
