Madhya Pradesh में बाढ़ के हालात, अधिकारियों-कर्मचारियों को छुट्टी पर रोक, अति वर्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक, बाढ़ एवं राहत की समीक्षा की

भोपाल। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अत्यधिक बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थिति सामान्य होने तक अधिकारियों-कर्मचारियों को छुट्टी पर रोक लगा दी है। जहां पर भी बाढ़ के पानी में लोग फंसे हैं, उन्हें हेलिकॉप्टर की सहायता से एयरलिफ्ट करने की तत्काल व्यवस्था की जाए। अत्यधिक बारिश के बावजूद भी जनजीवन सामान्य रहे, इसलिए समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतते हुए बचाव के कार्य किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने  ने प्रदेश में अति वर्षा से निर्मित स्थिति और बचाव के लिए जारी कार्यों की समीक्षा के लिए समत्व भवन में आपात बैठक बुलाई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से जिलों की स्थिति की समीक्षा की। वी सी के माध्यम से  समस्त संभागीय आयुक्त, आईजी, पुलिस कमिश्नर, जिला कलेक्टर, एसपी जुड़े। इसके साथ ही डीजीपी/ डी जी होम गार्ड/ अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, जल संसाधन, गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, राजस्व, लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनसंपर्क के प्रमुख बैठक में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, स्थितियां सामान्य हो जाने तक अधिकारियों कर्मचारियों को छुट्टी पर नहीं जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि  वर्षा का चक्र बदलने के कारण सितंबर माह में जितनी वर्ष होनी चाहिए उससे अधिक हो रही है । अति वर्षा के बावजूद भी जनजीवन सामान्य रहे, अत: समय रहते  आवश्यक  सावधानियां बरतते  हुए बचाव के कार्य किए जाएं। निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें राहत कैंपों में शिफ्ट किया जाए। जिन रपटों और पुलों पर पानी है वहां तत्काल आवश्यक सावधानी व  सतर्कता बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि अति वर्षा के प्रभाव से हुई जनहानि और पशु हानि की स्थिति में राहत उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी कलेक्टरों  जनहानि की स्थिति में  चार-चार लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा कर कलेक्टरों को तत्काल राशि परिजन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पर भी बाढ़ के पानी में लोग फंसे हैं उन्हें हेलीकॉप्टर की सहायता से एयरलिफ्ट करने की तत्काल व्यवस्था की जाए। पुराने जीर्णशीर्ण भवनों को चिन्हित कर सुरक्षात्मक व्यवस्था की जाए और आवश्यकता होने पर निवासियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

img 20240912 wa00045269101811202326294

म6 जिलों में बाढ़, स्कूलों की छुट्टी
बंगाल की खाड़ी में बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते मध्य और उत्तर भारत में बुधवार को भारी बारिश हुई। कई शहरों में बाढ़ है तो कई जिलों का सडक़ संपर्क टूट गया है। नदियों किनारे बसे गांवों से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है। मध्य प्रदेश के 28 जिलों में बुधवार को तेज बरसात हुई। ग्वालियर में 24 घंटे में 8 इंच और भोपाल में ढाई इंच बरसात हुई। दतिया में 400 साल पुराने किले की दीवार गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। भोपाल में 5वीं, राजगढ़, सागर, गुना, शिवपुरी, मुरैना और भिंड में 8वीं तक स्कूलों में छुट्टी है।
डबरा में फंसे 12 लोगों को किया जाएगा एयरलिफ्ट
ग्वालियर के डबरा क्षेत्र के सेंकरा में बाढ़ के बीच फंसे 12 लोगों को एयरलिफ्ट किए जाने की तैयारी है। इनके रेस्क्यू के लिए हैदराबाद से एनडीआरएफ की 60 सदस्यीय दो टीमें वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर के लिए रवाना हो गई हैं। टीम शाम करीब 4.30 बजे तक ग्वालियर पहुंच जाएंगी। डबरा कस्बे के सेंकरा में जलभराव से लोग फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने यहां से 325 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles