भोपाल। सागर जिले के सत्यम रजक पर उनके आबकारी सब इंस्पेक्टर के पद के लिए चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जब दिव्यांग कोटे से चयनित इस अधिकारी की बाइक चलाते हुए तस्वीरें वायरल हुईं. प्रिंस यादव ने सत्यम के चयन पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है. सत्यम ने ‘आजतक’ को बताया कि उनकी दृष्टिबाधिता कोरोना काल के बाद शुरू हुई और उनका ड्राइविंग लाइसेंस 2017 में बना था. आरोप निजी स्वार्थ से प्रेरित हैं।
सत्यम रजक के सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद उज्जैन के रहने वाले एक युवक ने सिलेक्शन पर सवाल खड़े किए. उज्जैन जिले के महिदपुर रोड इलाके में रहने वाले प्रिंस यादव ने सत्यम रजक के सिलेक्शन को गलत बताते हुए मामले की जांच की मांग की है और सवाल उठाये है कि अगर सत्यम दृष्टिबाधित है तो उसका ड्राइविंग लइसेंस कैसे बना? और अगर उसकी आंख सही है और वो बाइक चला सकता है तो फिर उसका दृषिबधित का सर्टिफिकेट कैसे बना? अपनी शिकायत के साथ प्रिंस यादव ने सोशल मीडिया पर सत्यम रजक के बाइक चलाते हुए फोटो भी अटैच किये हैं।
सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को भेजे पत्र में प्रिंस यादव ने लिखा है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन्दौर द्वारा दिनांक 18 जनवरी 2025 को राज्य सेवा परीक्षा 2022 का अंतिम रिजल्ट (चयन) सूची जारी किया गया है. उक्त चयन सूची में पद कोड क्र. 17 के सरल क्र.44 पर आवकारी उपनिरीक्षक के पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक पिता मिहीलाल रजक जिला सागर (म.प्र.) के निवासी हैं. जिनका रोल नं. 112789 है. उक्त अभ्यर्थी दृष्टिबाधित विकलांग कोटे से चयनित हुए है.
जबकि आवकारी उपनिरीक्षक पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी अनावेदक सत्यम रजक को दृष्टि संबंधी कोई समस्या नहीं है. सत्यन रजक दो पहिया तथा चार पहिया वाहन दिन तथा रात में बड़ी ही आसानी से चलाते हैं. वाहन चलाने के प्रमाण के रूप में सत्यम रजक द्वारा अपने सोशल मीडिया फेसबुक एकाउंट पर शेयर की गई नवीनतम विभिन्न तस्वीर संलग्न है. जिनमें सत्यम रजक को दो पहिया तथा चार पहिया वाहन चलाते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है. सत्यम रजक द्वारा अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया गया है.
