MP: विधायकों को होम लोन और कार लोन के ब्याज पर सब्सिडी देने की कवायद

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार विधायकों को होम लोन और कार लोन के ब्याज पर सब्सिडी देने की कवायद में जुट गई है। इसके लिए सरकार की कवायद के बीच अब इस मामले में विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति के पाले में गेंद डाल दी गई है। अब यह समिति जरूरत समझेगी, तो विधायकों के लोन पर लगने वाले ब्याज की सब्सिडी चुकाने सरकार को सिफारिश करेगी। इसके बाद सरकार इस मामले में वित्त विभाग से परमिशन लेने के बाद फैसला करेगी।
संसदीय कार्य विभाग द्वारा विधानसभा सचिवालय को इस संबंध में एक पत्र हाल ही में लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि विधायकों को होम लोन और वाहन ऋण पर लगने वाले ब्याज की सब्सिडी के मामले में समिति सिफारिश करेगी तो सरकार इस पर कोई फैसला कर सकती है।
बताया जाता है कि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों को ब्याज पर सब्सिडी दिए जाने को लेकर एक बार हाई लेवल मीटिंग के जरिए इस पर निर्णय कराने की कोशिश की है, लेकिन सफल नहीं हुए, तो यह तय किया गया कि विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति से सिफारिश कराई जाए। इसी के चलते संसदीय कार्य विभाग ने विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति के लिए इस तरह के प्रस्ताव को लेकर पत्र भेजा है।
इकबाल सिंह बैंस ने रोका था प्रस्ताव
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2018-2023 के बीच विधायकों को होम और कार व अन्य वाहन लोन पर लगने वाले ब्याज पर सब्सिडी नहीं मिल पाई है। बताया जाता है कि इस अंतराल में विधायकों को सब्सिडी दिलाने के लिए फाइल चली तो पूर्व सीएस इकबाल सिंह बैंस ने इसे कैबिनेट में जाने से रोक दिया था।
यह बात भी सामने आई है कि 2021 में विधायकों को 40 लाख रुपए के होम लोन पर सब्सिडी देने का प्रस्ताव अलग से भी आया था, लेकिन इसे भी मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इसके बाद इस पर पांच साल फैसला नहीं हो सका। अब 2023 के चुनाव के बाद इसको लेकर फिर कवायद शुरू हुई है।
फैसला वित्त विभाग और कैबिनेट लेंगे
संसदीय कार्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी इस मामले में कोई नया अपडेट नहीं है। बगैर इसके कि विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति को पत्र लिखा गया है। जब सदस्य सुविधा समिति सिफारिश करेगी, तो वित्त की परमिशन के लिए भेजा जाएगा और वित्त विभाग की परमिशन के बाद कैबिनेट से मंजूरी लेकर इस मामले में कोई फैसला लिया जा सकेगा। विधायकों को होम और कार लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी का लाभ 2013 से 2018 के बीच मिला था और कई विधायकों ने होम और कार लोन में इसका फायदा लिया था। इसी आधार पर अब नई सरकार में प्रयास शुरू हुए हैं।





