MP: SAS से IAS और SPS से IPS के लिए डेट तय नहीं, IFS की तारीख में बार-बार हो रहा बदलाव…!

भोपाल। प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी राज्य सेवा के अफसरों को अखिल भारतीय सेवा के पदों पर पदोन्नति देने में अड़चन पैदा कर रही है। इसका असर यह है कि पीएससी से सिलेक्ट 35 अधिकारी अखिल भारतीय सेवा वाले आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर पदोन्नत नहीं हो पा रहे हैं। आईएएस व आईपीएस के लिए अभी पदोन्नति समिति की बैठकें तय नहीं हो पाई हैं।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रदेश में पीएससी से सिलेक्ट राज्य वन सेवा, राज्य पुलिस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को मई माह तक पदोन्नति नहीं मिल सकी है। इसी दौरान आईएफएस पद के लिए तारीख तय होने के बाद भी एसएफएस के अफसर आईएफएस नहीं बन पाए।
दरअसल, प्रदेश में राज्य सेवा के अफसरों की विभागीय पदोन्नति का काम मंत्रालय में ब्यूरोक्रेसी के चलते अटक रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की बात करें तो यह बात सामने आई है कि इस कैडर के अफसरों को आईएएस अवार्ड के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने डीपीसी करना तय किया है लेकिन अभी तक डीपीसी की डेट तय नहीं हुई है।
दूसरी ओर, राज्य वन सेवा के अफसरों को आईएफएस बनाने के लिए अप्रैल से तारीख पर तारीख मिल रही है लेकिन उनकी पदोन्नति पर फैसला नहीं हो पा रहा है। राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आईपीएस अवार्ड के लिए भी डीपीसी तारीख तय हुई है।
सात पदों पर होना है एसएएस की पदोन्नति
राज्य प्रशासनिक सेवा के 2023 बैच की डीपीसी के लिए सात पद निर्धारित किए गए हैं। इन सात पदों के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के 21 नामों पर डीपीसी बैठक में विचार किया जाएगा और विभागीय जांच का सामना नहीं करने वाले अफसरों को आईएएस अवार्ड करने की कार्यवाही डीपीसी करेगी। बताया गया कि अभी इसके लिए तारीख तय नहीं हो सकी है। यह जरूर हुआ है कि एक बार फिर गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस अवार्ड करने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं।
आईएएस के लिए इन अधिकारियों के नाम पर होगा विचार
राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के जिन अफसरों के नामों पर आगामी डीपीसी बैठक में विचार किया जाएगा उसमें 2006 और 2007 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शामिल हैं।
इसमें 2006 बैच के नंदा भलावे कुशरे, अनिल कुमार डामोर, सविता झानिया, सारिका भूरिया, कमल सोलंकी, जितेंद्र सिंह चौहान, कमलेश पुरी, संतोष कुमार टैगोर, निशा डामर, राकेश कुशरे, शैली कनाश के नाम है। इसके बाद 2007 बैच के अफसरों में शामिल रोहन सक्सेना, कविता बाटला, सपना अनुराग जैन, आशीष पाठक, मिनिषा पांडेय, इला तिवारी, सपना एम लोवंशी और नीता राठौर के नाम भी वरीयता लिस्ट में रहेंगे लेकिन पदों की संख्या के लिहाज से 2007 बैच के अफसरों के इस साल आईएएस बन पाने की उम्मीद कम है।
इसके अलावा विभागीय जांच के चलते लिफाफा बंद रहने के कारण पंकज शर्मा, नारायण प्रसाद नामदेव और करप्शन में दोषी होने के बाद सजा पाने वाले सुरेंद्र कुमार कथूरिया के नाम भी इस सूची से बाहर हो सकते हैं। इसलिए 2006 बैच के एक-दो अफसरों को छोड़ बाकी को इस साल आईएएस बनने का मौका मिल सकता है।
आईएफएस के लिए 6 बार तय हुई तारीख
राज्य वन सेवा के अफसरों को आईएफएस बनाने के लिए अप्रेल से अब तक छह बार डीपीसी बैठक की तारीख तय हो चुकी है पर हर बार किसी न किसी कारण से बैठक टाल दी जाती है। 2022 बैच के इन अफसरों के लिए अब एक बार फिर 21 जून को एसएफएस से आईएफएस के लिए डीपीसी होना प्रस्तावित है।
दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि अगर इस बार डीपीसी नहीं होती है तो वर्ष 2023 के लिए भी नाम तय कर डीपीसी के लिए प्रस्तावित किए जाएंगे। 2022 में डीपीसी के लिए 13 पद हैं जबकि 2023 में 11 पद रिक्त हैं। इस तरह दो साल की डीपीसी एक साथ कराए जाने पर 24 पदों पर राज्य वन सेवा के अफसर आईएफएस बन सकेंगे।
चार एसपीएस बनेंगे आईपीएस
दूसरी ओर पीएचक्यू की रिपोर्ट पर गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के चार पद आईपीएस अवार्ड के लिए घोषित किए हैं। इन चार पदों के लिए 12 एसपीएस के नामों पर डीपीसी की बैठक में विचार किया जाएगा। इसको लेकर प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा और तारीख तय होने पर पदोन्नति समिति की बैठक करके नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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