Culture : मध्यावर्त लिटरेचर फेस्टिवल: राम के रंग में रंगी रविवार की रात…
शार्ट फिल्म राम की शक्ति पूजा की हुई स्क्रीनिंग, ग्रांड मुशायरा और गजल-गीतों ने महफिल में बांधा समां..

भोपाल। रविवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित रंगश्री लिटिल बैलेट ट्रूप के सभागार में मध्यावर्त लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें देश भर से पधारे सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपने फन का जादू बिखेरा। शब्द, संगीत और नृत्य की इस मोहक शाम ने कला-प्रेमियों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया और रविवार की रात को भगवान श्री राम के जन्मोत्सव को राम के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ देश-विदेश में कथक के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर का परचम लहराने वाली प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. श्यामा पंडित के मनमोहक कथक नृत्य से हुआ। ठुमक चलत रामचंद्र पर अपनी प्रस्तुति देकर श्यामा जी ने श्री राम की स्तुति की। इसके उपरांत, उस्ताद सलीम अल्लावाले और उनकी टीम की दिल को छू लेने वाली गायकी ने महफ़िल में सुरों की मिठास घोल दी। उन्होंने श्रीराम की स्तुति प्रस्तुत की तो हाल में जय श्रीराम के नारे लगने लगे और लोगों ने तालियों के साथ श्रीराम जन्मोत्सव का माहौल बना दिया। उन्होंने छापा तिलक और दमादम मस्त कलंदर गाये तो हाल मस्ती में डूब गया और लोग नाचने लगे। इस समय तक हाल खचाखच भर गया था और लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम का आनंद लेते देखे गये।
ग्रैंड मुशायरे में साहित्य का रंग और निखर के आया, जब देश के कोने-कोने से आए रचनाकारों ने अपने जज़्बात और खय़ालात शायरी के ज़रिए पेश किए। ेमेरठ से आए अज़हर इकबाल ने कहा- पाप पर अब पश्चाताप कौन करे…सम्भल से आए अमीर इमाम ने पढ़ा- मत बताना कि बिखर जाएं तो क्या होता है, नई नस्लों को नए ख्वाब सजाने देना..लखीमपुर के चर्चित गीतकार ज्ञान प्रकाश आकुल ने सुनाया- हम सोने के हिरण नहीं हैं, हम पर तीर ना ताना जाए..दिल्ली से आए पल्लव मिश्रा ने युवा संवेदनाओं को आवाज़ देते हुए कहा-मैं उससे मिलने समय से पहले पहुँच गया था, सो उसके दर के $करीब आकर भटक रहा हूँ..। चेन्नई से आए राज तिवारी के ‘राम-गीत’ ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही इंदौर के गीतकार महेंद्र सिंह पवार, भोपाल की ममता तिवारी और आमिर अज़हर ने भी अपनी रचनाओं से महफिल में समां बांध दिया।
इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश आकुल को ‘गीत-सुधाकर सम्मान’ से सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई। कार्यक्रम में शहर के युवा कलाकारों की चित्रकला प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी। शुभम कुशवाहा द्वारा थ्रेड आर्ट से बनाई गई दुष्यंत कुमार की चित्रकृति और अंकित बागड़े द्वारा मध्यप्रदेश के चर्चित कलाकारों की तस्वीरों ने कला-प्रेमियों का मन जीत लिया। इन्हें संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।

राम की शक्ति पूजा की स्क्रीनिंग
इस कार्यक्रम में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कालजयी रचना ‘राम की शक्ति पूजा’ पर आधारित मध्यावर्त द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग हुई, जिसे दर्शकों ने अपार सराहना दी। फि
ल्म की इस आराधना को बल दिया अशोक निर्मल और आरिन ने। इस टीम में साथ रहे कैमरा डिपार्टमेंट में आकाश और अमित। प्रोडक्शन डिज़ाइन गिरीश श्रीवास्तव ने किया, प्रोडक्शन मैनेजमेंट रहा आशीष, अमन और सन्नी के जि़म्मे। मेकअप और हेयर काजल पाण्डेय और निशिका वर्मा का है। देवी दुर्गा के रूप में सौम्या पाण्डेय उनकी भुजाएं काजल पांडेय, इरा सक्सेना, तनुष्का सोनी, राम के रूप में डायमंड सोनी, सरस्वती जी मांडवी, लक्ष्मी जी कसक, गणेश पार्थ अरौंकर, कार्तिकेय अंकित बागड़े भूमिका निभा रहे हैँ। सेट को पूजा के वातावरण में ढालने में पंडित दीपक शर्मा का सहयोग रहा। फिल्म में आवाज दी है राज खरे ने। इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक प्रशस्त और ईशान सक्सेना हैं। यह शाम, कला, साहित्य और संस्कृति के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। एक ऐसा आयोजन जिसे शब्दों में बाँध पाना मुश्किल है। कार्यक्रम में साहित्यकार अशोक निर्मल, पूर्व अधिकारी संजय तिवारी, राधारमन इंजीनियरिंग कालेज के डीन श्याम बिहारी खरे, वरिष्ठ पत्रकार संजय सक्सेना, प्रकाश कुमार सक्सेना, वरिष्ठ रंगकर्मी तनवीर अहमद सहित अनेक लोग मौजूद थे। संचालन किया शिवाजी ने। अंत में मशगूल मेहरबानी ने आभार व्यक्त किया।








