Chandigarh: हाई कोर्ट में तलवार लेकर दौड़ा वकील, सचिव पर बोला हमला, आपात मीटिंग में ऐक्शन

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने बुधवार की देर रात एक आपात बैठक कर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (PHHCBA) के सचिव और अन्य अधिवक्ताओं पर कथित तौर पर हमला करने वाले दो वकीलों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। उन दो आरोपी वकीलों में से एक को अदालत परिसर में तलवार लेकर जाते हुए देखा गया था। आरोप है कि दोनों वकीलों ने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव पर हमला बोला है।
बीती रात 11 बजे हुई एक बैठक में बार काउंसिल की एक विशेष अनुशासन समिति ने कहा कि दोनों आरोपी वकीलों रवनीत कौर और सिमरनजीत सिंह ब्लासी ने गंभीर दुर्व्यवहार किए हैं। अनुशासन समिति ने अपने आदेश में कहा, “दोनों ने PHHCBA के सदस्यों के साथ-साथ एसोसिएशन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव को भी निशाना बनाया है। उनका ऐसा व्यवहार पूरे कानूनी पेशे का अनादर करने के समान है क्योंकि उन्होंने अधिवक्ता अधिनियम और बीसीआई नियमों के तहत निर्धारित नैतिक मानकों और पेशेवर कर्तव्यों का उल्लंघन किया है।”
अदालत में पेशी पर रोक
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अनुशासन समिति ने कहा कि कौर के पिछले आचरण के कारण, उनका लाइसेंस अधिवक्ता अधिनियम की धारा 26 के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को पहले ही भेजा जा चुका है ताकि लाइसेंस प्राप्त करते समय जानकारी छिपाने के कारण उनका नाम अधिवक्ता सूची से हटाया जा सके। इसके अलावा, समिति ने दोनों वकीलों को नोटिस जारी किया और उन्हें किसी भी अदालत या किसी भी जज या अधिकारी के समक्ष अधिवक्ता के रूप में पेश होने से रोक दिया है।
HC चीफ जस्टिस से पहले गुहार, फिर हमला
बुधवार को कौर ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने यह उल्लेख किया था कि उनका लैपटॉप PHHCBA सचिव गगनदीप जम्मू ने ज़ब्त कर लिया है। अदालत ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कौर से कहा कि वह अपना मामला पहले सूचीबद्ध करवाएँ। हालाँकि, जस्टिस नागू ने वरिष्ठ अधिवक्ता अमित झांजी से इस मामले को सुलझाने का आग्रह किया था।
बार एसोसिएशन के सचिव पर बोला हमला
PHHCBA द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, अधिवक्ता कौर के आरोप निराधार हैं। नोटिस में कहा गया है कि चीफ जस्टिस की अदालत में गुहार लगाने के बाद कौर, ब्लासी के साथ बार एसोसिएशन के दफ्तर में घुस गईं और सचिव और अन्य सदस्यों के साथ दोनों ने दुर्व्यवहार किया। नोटिस में दावा किया गया है कि ब्लासी को इसी दौरान अदालत परिसर में तलवार लेकर तेजी से लपकते हुए देखा गया और उन्होंने सचिव और बार के अन्य सदस्यों पर हमला बोल दिया।





