Delhi : सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट मामले में CBI को फटकार, high court ने कहा – ये लोगों के आशियाने का सवाल, चुप्पी नहीं चलेगी..

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के निर्माण में हुए घोटाले की जांच ना कर पाने पर सीबीआई के प्रति असंतोष जताया है। कोर्ट ने कहा कि दो साल बाद भी सीबीआई इस मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा करना तो दूर इसे लेकर दस्तावेज तक नहीं जुटा पाई है, जबकि सीबीआई देश की अग्रणी जांच एजेंसी कहलाई जाती है।

न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने कहा कि यहां दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) और सीबीआई दोनों अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। डीडीए कह रहा है कि उसे इस अपार्टमेंट के निर्माण और आवंटन में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार करने एवं भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कराने के लिए धारा 17 ए के तहत मंजूरी का इंतजार है। वहीं, सीबीआई का कहना है कि डीडीए संबंधित अधिकारियों की सूची उन्हें नहीं सौंप रहा। इसके अलावा डीडीए द्वारा कराई गई विजिलेंस इन्क्वायरी की प्रति भी नहीं दे रहा।

सीबीआई कोई रूचि नहीं ले रही’
पीठ ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सीबीआई इस मामले में कोई रूचि नहीं ले रही है। सीबीआई का कोई भी अधिकारी मामले की सुनवाई पर मौजूद नहीं है। यहां 336 परिवारों के आशियाने का सवाल है और सरकारी विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं। पीठ ने कहा कि अब पूरे मामले को लेकर सीबीआई और डीडीए अपनी अंतिम दलीलें पेश करें। पीठ ने अंतिम दलीलों के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता संजीव सिंह ने पीठ के समक्ष कहा कि सैंकड़ों परिवार फ्लैट निर्माण में घोटाले के कारण सड़क पर आने की कगार पर हैं, लेकिन सीबीआई व डीडीए पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस पर पीठ ने कहा कि वह जल्द इस पर फैसला करेगी।

आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट पर अयोग्य घोषित
वर्ष 2010 में सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद इनका आवंटन हो गया। वर्ष 2017 से अपार्टमेंट की जर्जर और छतों के टूटने से जुड़ी शिकायतें सामने आने लगीं। अपार्टमेंट को नवंबर 2022 में आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। साथ ही, मालिकों को फ्लैट खाली करने का नोटिस दिया गया, ताकि सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। यहीं से मामला अदालत पहुंचा। 20 सितंबर 2023 दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस फ्लैट के निर्माण को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए।

Exit mobile version